लालू फिर चाहते हैं कांग्रेस का साथ

लालू प्रसाद यादव
Image caption लोकसभा चुनाव के बाद लालू प्रसाद यादव का राजनीतिक क़द घट गया है

बिहार में कांग्रेस के बिना चुनाव लड़कर राजनीतिक झटका खा चुके लालू प्रसाद यादव झारखंड में वही ग़लती नहीं दोहराना चाहते और उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलकर वहाँ एक धर्मनिरपेक्ष मोर्चा बनाने का प्रस्ताव किया है.

हाल ही में हुए विधानसभा उपचुनावों में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) को मिली जीत से लालू प्रसाद यादव उत्साहित हैं.

वहाँ 18 सीटों के लिए हुए उपचुनाव में आरजेडी और रामविलास पासवान की पार्टी लोकजनशक्ति पार्टी को 11 सीटें मिली हैं.

लालू प्रसाद यादव ने शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाक़ात की. उनके साथ पार्टी के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रेमचंद गुप्ता भी थे.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार प्रेमचंद गुप्ता ने बाद में कहा कि आरजेडी चाहती है कि आदिवासी बहुल झारखंड में आरजेडी और कांग्रेस जैसी धर्मनिरपेक्ष पार्टियों को साथ मिलकर चुनाव लड़ना चाहिए.

झारखंड में अगले साल की शुरुआत में चुनाव होने वाले हैं.

वहाँ पहले भी कांग्रेस, आरजेडी और झारखंड मुक्तिमोर्चा मिलकर चुनाव लड़ते रहे हैं लेकिन बिहार में लोकसभा चुनाव के बाद से कांग्रेस और आरजेडी के बीच जैसे संबंध हैं उसकी वजह से लालू प्रसाद को लग रहा है कि शायद झारखंड चुनाव में कांग्रसे उसके साथ मिलकर चुनाव नहीं लड़ेगी.

वैसे पिछले लोकसभा चुनाव में भी झारखंड में कांग्रेस ने झारखंड मुक्ति मोर्चा से तो तालमेल किया था लेकिन आरजेडी को छोड़ दिया था.

वहाँ भारतीय जनता पार्टी अकेले चुनाव लड़ती है.

अटकलें लगाई जा रही थीं कि लालू प्रसाद यादव की इस मुलाक़ात का संबंध रेलमंत्री ममता बैनर्जी की उस घोषणा से है जिसमें उन्होंने कहा है कि वे लालू प्रसाद यादव के कार्यकाल में हुई रेलवे के भर्ती घोटालों की जाँच सीबीआई को सौंप रही हैं. लेकिन प्रेमचंद गुप्ता ने इसे निराधार बताया.

उनका कहना था कि आधे घंटे की चर्चा में यह मुद्दा उठा ही नहीं.

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