तीन राज्यों में टिकटों की खींचतान

सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह
Image caption कांग्रेस लोकसभा चुनाव के नतीजे दोहराना चाहती है

अक्तूबर में होने वाले तीन राज्यों के चुनाव के लिए सभी राजनीतिक दल सीटों के तालमेल और टिकटों के बँटवारे में लग गई हैं. इसे लेकर राजनीतिक खींचतान अभी तक जारी है.

महाराष्ट्र में शिवसेना और भाजपा में तो समझौता हो गया है और कुछ टिकटों की घोषणा हुई है और कांग्रेस और एनसीपी के बीच समझौते के संकेत मिले हैं.

लेकिन महाराष्ट्र के अलावा हरियाणा और अरुणांचल प्रदेश में ऐसी कोई समस्या नहीं दिख रही है और वहाँ राजनीतिक दल अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर रहे हैं.

13 अक्तूबर को तीन राज्यों में होने वाले इन विधानसभा चुनावों के लिए अधिसूचना शुक्रवार को जारी हो चुकी है और नामांकन की अंतिम तिथि 25 सितंबर है.

टिकटें

कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक रविवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के निवास पर हुई. इसमें प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी शामिल हुए.

बताया गया कि अरुणाचल प्रदेश के उम्मीदवारों के नाम के अलावा महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी या एनसीपी के साथ गठबंधन के मुद्दों पर चर्चा हुई.

हालांकि पार्टी ने रात को सिर्फ़ अरुणांचल प्रदेश के लिए तीन नामों की घोषणा की है.

पार्टी हरियाणा के लिए, जहाँ वह कुल 90 सीटों पर चुनाव लड़ रही है.

महाराष्ट्र, हरियाणा और अरुणाचल प्रदेश में फिलहाल कांग्रेस की सरकारें हैं.

कांग्रेस में दो बार सत्ता में रहने के बाद कांग्रेस-एनसीपी एक बार फिर से साथ आकर चुनाव लड़ रहे हैं और लोकसभा के नतीजों के आधार पर गठबंधन को उम्मीद है की उसे बेहतर नतीजे हासिल होंगें.

कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह का कहना है कि हालाँकि दस सालों से लगातार सत्ता में रहने के कारण को सत्ता विरोधी वोटों का सामना करना पड़ सकता है लेकिन किसानों के ऋण माफ़ी, रोज़गार गारंटी योजना और पार्टी द्वारा आर्थिंक मंदी से बेहतर तरीके से निबटने में मिली सफलता का फायदा गठबंधन को मिलेगा.

वे कहते है, "लोकसभा चुनावों के समय से बने वोटरों की इस सोच में कोई बदलाव नहीं आया है कि कांग्रेस और उसके साथी दल ही बेहतर सरकार दे सकते हैं."

हालाँकि खबरें आती रही हैं कि राज्य की कुल 288 सीटों में से कांग्रेस 114 और एनसीपी 174 क्षेत्रों पर चुनाव लडेंगें इसकी औपचारिक घोषणा अब तक नहीं हुई है.

महाराष्ट्र में मुख्य विपक्षी गुट शिवसेना-भाजपा क्रमशः 169 और 119 सीटों पर चुनाव लड़ने जा रहे हैं.

पार्टी प्रवक्ता संजय राउत का कहना है कि राज्य में व्याप्त भ्रष्टाचार, बिजली की कमी और केंद्र में कांग्रेस नेतृत्त्व के सरकार के आने के बाद से तेजी से बढ़ी महंगाई जैसे मुद्दों को वह चुनावी मुद्दा बनेगें और इसका फायदा शिवसेना-भाजपा गठबंधन को होगा.

ख़बरें हैं कि पार्टी के भीतर टिकट न मिलने से असंतुष्ट कुछ कार्यकर्ताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना नेता मनोहर जोशी के घर में घुसकर तोड़फोड़ की.

इधर लोक सभा चुनावों के बाद से लगभग चुप बैठा वामपंथी दल गठबंधन एक बार फिर से सक्रिय हो गया है और समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर उसने रिपब्लिकन लेफ्ट डेमोक्रटिक फ्रंट के स्थापना कर ली है.

हरियाणा के लिए बीजेपी ने अपने 55 उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है वहीँ उसके पूर्व सहयोगी दल इंडियन नेशनल लोक दल ने कल अपने 32 उम्मीदवारों के घोषणा की जिसमें मशहूर क्रिकेटर युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह का नाम पंचकुला विधान सभा सीट से उम्मीदवार के रूप में शामिल है.

बहुजन समाज पार्टी जिसने लोक सभा चुनाव में कई सीटों; जैसे फ़रीदाबाद, गुड़गाँव और अंबाला में कांग्रेस की लड़ाई को काफ़ी मुश्किल बना दिया था, पूरी ताकत से मैदान में उतर रही है.

बीएसपी प्रमुख मायावती ने जींद में रविवार को एक जनसभा का आयोजन कर पार्टी का चुनावी बिगुल भी फूँक दिया.