सार्वजनिक जगहों पर पूजा स्थल नहीं

भारतीय उच्चतम न्यायालय
Image caption उच्चतम न्यायालय की खंडपीठ ने अंतरिम आदेश में ये बात कही है

भारत में उच्चतम न्यायालय ने निर्देश दिया है कि देश भर में किसी भी सार्वजनिक स्थान पर कोई भी नया पूजा स्थल नहीं बनाया जाना चाहिए.

न्यायमूर्ति दलवीर भंडारी और मुकंदकम शर्मा की खंडपीठ ने एक अंतरिम आदेश में कहा कि ये प्रतिबंध मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारों और चर्च सहित हर समुदाय के पूजा अर्चना के स्थानों पर लागू होगा.

खंडपीठ का कहना है कि ये अंतरिम आदेश तब तक लागू रहेगा जब तक सार्वजनिक स्थान पर धार्मिक स्थलों के निर्माण का मसला उच्चतम न्यायालय पूरी तरह नहीं सुलझा लेता.

न्यायालय के अनुसार मौजूदा धार्मिक स्थलों को रखे जाने या नहीं रखे जाने का फ़ैसला राज्य सरकारें हर एक मसले के आधार पर करेंगी.

इस खंडपीठ ने ये निर्देश तब दिया है जब सॉलिसिटर जनरल गोपाल सब्रह्मण्यम ने उच्चतम न्यायालय को बताया कि केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के बीच इस बात पर एकराय है कि सार्वजनिक स्थानों पर किसी नए धार्मिक स्थल का निर्माण नहीं होना चाहिए.

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