छिटपुट हिंसा के बीच भारी मतदान

मतदान
Image caption सबसे ज़्यादा मतदान अरुणाचल प्रदेश में हुआ

छिटपुट हिंसक घटनाओं के बीच महाराष्ट्र, हरियाणा और अरुणाचल प्रदेश में विधानसभा चुनावों के लिए लगभग 66 फ़ीसदी मतदान हुआ.

भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त नवीन चावला ने बताया कि अरुणाचल प्रदेश में सबसे ज्यादा लगभग 72 फ़ीसदी मतादाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया जबकि महाराष्ट्र में 60 और हरियाणा में 66 फीसदी मतदान हुआ.

हालाँकि लोकसभा चुनावों की तरह महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में मतदाताओं में उत्साह का अभाव देखा गया. वहां लगभग 50 फ़ीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया.

हरियाणा के कैथल ज़िले के गुलहा विधानसभा क्षेत्र में एक मतदान केंद्र पर कांग्रेस उम्मीदवार और निर्दलीय उम्मीदवार दिलु राम के समर्थकों के बीच झड़प हो गई जिसमें निर्दलीय उम्मीदवार के पोलिंग एजेंट की मौत हो गई.

तीनों राज्यों में मतगणना एक साथ ही 22 अक्तूबर को होगी.

महाराष्ट्र

Image caption बाल ठाकरे की पार्टी को अपने भतीजे राज से ही बड़ी चुनौती मिल रही है

तीनों राज्यों में सबसे बड़ा महाराष्ट्र है जहां 288 सीटों के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच लगभग 60 फ़ीसदी लोगों ने मतदान किया.

हाल ही में नक्सली हमले में कई पुलिसकर्मियों की मौत के बाद गढचिरौली ज़िले के दूर दराज़ वाले इलाक़ों में नए मतदान केंद्र बनाए गए थे और भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी.

महाराष्ट्र में कांग्रेस- राष्ट्रवादी कांग्रेस गठबंधन सत्ता में है.

लोकसभा चुनाव में भी इस गठबंधन ने कुल मिलाकर बढ़िया प्रदर्शन किया था लेकिन शिव सेना-भारतीय जनता पार्टी गठबंधन ने महँगाई और सुरक्षा से जुड़े मुद्दा उठाकर मतदाताओं का दिल जीतने की कोशिश की है.

ऐसा कहा जा रहा है कि शिव सेना से नाता तोड़ने के बाद राज ठाकरे की महाराष्ट्र नव निर्माण सेना (एमएनएस) विधानसभा चुनाव के परिणामों को प्रभावित कर सकती है.

महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण, उपमुख्यमंत्री छगन भुजबल और उनके मंत्रिमंडल के 37 सदस्यों सहित साढ़े तीन हज़ार से ज़्यादा उम्मीदवारों की किस्मत वोटिंग मशीन में दर्ज हो गई.

हरियाणा

हरियाणा में अरुणाचल प्रदेश के बाद सबसे ज़्यादा 66 फ़ीसदी मतदान हुआ है. हिंसा की छिटपुट घटनाओं को छोड़ कर मतदान शांतिपूर्ण रहा.

Image caption सेलिब्रिटी तो निकले लेकिन मुंबई में वोटिंग तेज़ नहीं हो सकी

जिन बड़े नेताओं की किस्मत इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में दर्ज हो गई उनमें मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा, उनके मंत्रालय के सहयोगियों बीरेंद्र सिंह, किरन चौधरी और रणदीप सिंह सुरजेवाला, पूर्व मुख्यमंत्री और इंडियन नेशनल लोक दल (आईएनएलडी) के प्रमुख ओम प्रकाश चौटाला, पार्टी महासचिव अजय चौटाला और हरियाणा जनहित कांग्रेस प्रमुख कुलदीप बिश्नोई शामिल हैं.

यहां कांग्रेस की सरकार है और मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा विकास के आधार पर दोबारा चुने जाने का दावा कर रहे हैं.

हरियाणा में विपक्ष पूरी तरह से बिखरा हुआ है.

भाजपा और इंडियन नेशनल लोक दल का गठबंधन टूट चुका है. भाजपा अकेले चुनाव लड़ रही है.

साथ ही भजनलाल अपनी पार्टी के साथ चुनाव मैदान में हैं.

अरुणाचल प्रदेश

Image caption अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं.

पूर्वोत्तर भारत के बीबीसी संवाददाता सुबीर भौमिक ने बताया है कि अरुणाचल प्रदेश में सुबह-सुबह मतदान की गति धीमी थी लेकिन दोपहर होते-होते भारी संख्या में मतदाता अपने घरों से निकले.

शाम तक राज्य विधानसभा की 60 सीटों के लिए लगभग 72 फ़ीसदी मतदान हुआ.

राज्य के मुख्यमंत्री दोरजी खांडू समेत तीन सदस्य पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं.

बाकी 57 सीटों के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से 154 उम्मीदवार मैदान में थे.

इनमें से कम से कम 50 ऐसे हैं जिन्होंने इस बार अपनी निष्ठाएं बदल ली. यानी पिछली बार तो उन्होंने किसी और पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था इस बार उन्होंने पाला बदल लिया.

प्रेक्षकों के मुताबिक राज्य में सत्तारुढ़ कांग्रेस को केंद्र की यूपीए सरकार में अपनी सहयोगी दो पार्टियों-तृणमूल कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) से ही टक्कर मिली है.

इन दोनों ने ज्यादातर टिकट पिछली बार कांग्रेस के टिकट पर जीते लोगों को दिए थे.

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