इनका दिवाला, उनकी दीवाली !

लालू यादव
Image caption इस बार बिहार में लालू ब्रांड पटाख़ों की काफ़ी बिक्री हुई है

बिहार में धनतेरस और दीपावली के मौक़े पर बाज़ार में बहार आ गई. कार, टीवी, फ़्रिज, गहने, पटाख़े और मिठाइयों की रिकार्ड-तोड़ बिक्री हुई.

यह सब देख-सुन कर कुछ लोग बेहद चिढ़ गए हैं. वो कहते हैं, "बिहार के गांवों में विकास-योजनाओं का दिवाला निकाल देने वाले भ्रष्टाचारियों की दीवाली है ये."

कारोबारियों से जुड़ी एजेंसियों द्वारा मोटे तौर पर किए गए आंकलन के मुताबिक़ अकेले पटना शहर में पचीस करोड़ रूपए के पटाखे और दो करोड़ रूपए की मिठाइयां बिक जाने की पुष्टि हुई है.

कुछ स्थानीय कारोबारियों के ज़रिए बाज़ार में उतारे गए उन पटाखों की ख़ूब बिक्री हुई है, जिन के डब्बों या रैपरों पर लालू प्रसाद, राबड़ी देवी, नीतीश कुमार और राम विलास पासवान के चित्र छपे हुए हैं.

इस सिलसिले में लालू प्रसाद ने चुटकी ली है कि "लालू ब्रांड पटाखा-बम के आगे नीतीश ब्रांड फुलझड़ी की भला क्या औक़ात हो सकती है?"

राम विलास छाप चक्करघिन्नी पर व्यंग्य करते हुए यहाँ लोग कहते हैं कि 'ये छुर्छुरी वाली घिरनी पासवान जी की राजनीति से बड़ा मेल खाती है'

इनके अलावा लादेन और कसाब के नाम और तस्वीर छाप वाले पटाख़ा-बम भी यहाँ ख़ूब चर्चा में हैं.

आर्थिक मंदी या सूखे के संकट से बिलकुल बेपरवाह ख़रीदारों की भीड़ देख कर बाज़ार की बांछें खिली हुई हैं.

गांवों में भले ही महंगाई ने ग़रीब किसानों का दिवाला निकाल दिया हो, शहरों में तो धन-पशुओं की दीवाली उफान पर दिख रही है.

संबंधित समाचार