जयपुर की दीवाली में छाए ओबामा

ओबामा जयपुर की दिवाली झांकी में
Image caption अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को हाल ही में शांति के लिए नोबल पुरस्कार दिए जाने की घोषणा की गई है

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा भारत में ख़ासे लोकप्रिय हैं. ओबामा की लोकप्रियता की बानगी जयपुर में दीवाली की सजावट में साफ़ दिखाई देती है.

जयपुर के व्यापार संगठनों ने ओबामा को ऐसी झांकी में पेश किया है जहाँ उनके निर्देश पर 'मिसाइल मैन' आतंकवाद पर धावा बोलते नज़र आते हैं.

रौशनी के हज़ारों जुगनू और उसमें आतंकवाद पर चढ़ाई करते ओबामा की झांकी.

जयपुर के बाज़ारों में अमरीकी राष्ट्रपति की छवि झांकी के जरिए दहशत को ख़त्म करने में इस्तेमाल की जा रही है.

झांकी के आयोजक सुरेंद्र गुप्ता कहते हैं, "ओबामा आतंकवाद को ख़त्म करने का प्रयास कर रहे हैं. भारत भी इस नीति पर काम कर रहा है. पूरी दुनिया आज आतंकवाद से दुखी है. ऐसे में हम ओबामा के हाथ मजबूत करना चाहते हैं. इसलिए ये झांकी आयोजित की गई है."

सम सामयिक झांकी

यूं तो दीवाली पर पारंपरिक सजावट में इतिहास और धर्म के प्रतीक शामिल होते रहे हैं लेकिन हाल के वर्षों में सम सामयिक विषय भी इसमें जगह पाने लगे हैं.

व्यापार मंडल के गोपाल लाल कहते हैं, "हमने इसके साथ हमुमान जी की भी तस्वीर लगाई है क्योंकि ओबामा खुद हनुमान जी को मानते हैं. और हनुमान जी ने भी रावण को ख़त्म करने में अहम भूमिका अदा की थी."

पहले ओबामा जयपुर में मुस्लिम कारीगरों के हाथों बनाई गई पतंगों पर दिखाई दिए क्योंकि पतंगों पर उनकी तस्वीर इस्तेमाल की गई थी. अब वो दीवाली की सजावट में शामिल हुए हैं.

न्यूजीलैंड से आई हेलना ने झांकी को देख कर कहा, "मैं अमरीकी नहीं हूँ. अगर अमरीकी को दुनिया में शांति कायम करनी है तो पहले उसे अपनी नीतियाँ बदलनी होगी. हां, अभी ओबामा काफ़ी कुछ कर रहे हैं और सबकी निग़ाहें उनके क़दमों पर लगी है. उम्मीद है वो ठीक करेंगे."

शांति और सदभाव की अपील हर जगह सुनी जाती है. वो जयपुर की दीवाली में भी सुनी गई. क्या दुनिया में अमन लौटेगा?

संबंधित समाचार