'चरमपंथी हमले' की संभावना बरक़रार

मनमोहन सिंह
Image caption प्रधानमंत्री ने सुरक्षा बलों से सतर्क रहने को कहा है.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने चेतावनी दी है कि ख़ुफ़िया जानकारियों के अनुसार देश में ‘हमलों’ की अभी भी प्रबल संभावना है और सुरक्षा बलों को ऐसी किसी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहना चाहिए.

प्रधानमंत्री का कहना था कि चरमपंथ के इस धंधे में हर तरह के लोग लिप्त हैं और इस बारे में लगातार ख़ुफ़िया रिपोर्टे आ रही हैं.

नई दिल्ली में सेना के प्रमुखों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के आस-पड़ोस में स्थितियां अत्यंत ख़राब हो गई हैं. हालांकि प्रधानमंत्री ने किसी देश का नाम नहीं लिया लेकिन माना जाता है कि उनका इशारा पाकिस्तान की तरफ़ था.

प्रधानमंत्री ने पिछले साल हुए मुंबई हमलों का और क़ाबुल में इसी महीने भारतीय दूतावास पर हुए हमले का हवाला दिया और कहा कि ये हमले दर्शाते हैं कि ‘किस तरह की ताक़तें’ भारत के ख़िलाफ़ लगी हुई हैं.

उनका कहना था, ‘आतंकवाद के इस धंधे में चरमपंथी संगठनों के अलावा सरकारी एजेंसियों का हाथ है. भारत एक लोकतंत्र है और खुला समाज है इसलिए इस पर ख़तरा अधिक रहता है.’

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