मथुरा के पास दो ट्रेनों की टक्कर

घटनास्थल
Image caption रेल अधिकारियों के अनुसार हादसे में 22 लोग मारे गए और अनेक घायल हुए

उत्तर प्रदेश में मथुरा के पास बुधवार सुबह गोवा एक्सप्रेस का इंजन मेवाड़ एक्सप्रेस की आख़िरी बोगी से टकरा गया. रेलवे अधिकारियों ने अब तक 22 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है जबकि 23 अन्य घायल हैं.

रेल मंत्रालय ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं और बताया है कि ये जांच रेलवे आयोग करेगा.

रेलवे ट्रैफ़िक के सदस्य श्रीश्री प्रकाश ने दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेंस में हादसे के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि 13 लोग अभी भी गंभीर स्थिति में हैं और घायलों को दिल्ली और आगरा भेजा गया है. इलाज़ का सारा खर्चा रेलवे दे रही है.

उन्होंने बताया कि अभी घटना के सही कारणों का पता नहीं चल सका है लेकिन उन्होंने आशंका जताई कि इसके पीछे मानवीय कारण और तकनीकी कारण हो सकते हैं.

रेलवे राज्य मंत्री ई अहमद मथुरा गए हैं जबकि रेल मंत्री ममता बनर्जी गुरुवार को मथुरा जाएंगी.

रेलवे ने मरने वालों के लिए पांच पांच लाख रुपए और घायलों को एक एक लाख रुपए मुआवज़ा देने की घोषणा की है.

कैसे हुई घटना

दोनों ट्रेन दिल्ली की ओर जा रही थीं और एक ही ट्रैक पर थीं.

मथुरा के ज़िलाधीश दिनेश चंद शुक्ल ने बीबीसी को बताया, "टक्कर गोवा एक्सप्रेस और मेवाड़ एक्सप्रेस के बीच हुई जिसमें मेवाड़ एक्सप्रेस की एक बोगी क्षतिग्रस्त हुई." दिल्ली में रेलवे विभाग के प्रवक्ता अनिल सक्सेना ने बीबीसी के साथ बातचीत में 22 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है.

भारतीय रेलवे के डिविज़नल रेलवे मैनेजर आरडी त्रिपाठी के अनुसार , "मेवाड़ एक्सप्रेस से छह मिनट पीछे गोवा एक्सप्रेस चल रही थी. लेकिन गोवा एक्सप्रेस ने पीछे से आकर मेवाड़ एक्सप्रेस की आख़िरी बोगी को टक्कर मारी जिसके कारण ये हादसा हुआ."

राहत कार्य लगभग छह घंटे चले जिनमें सेना की मदद ली गई. मेवाड़ एक्सप्रेस के डिब्बे में फंसे हुए लोगों को बाहर निकाल लिया गया है और अब रास्ता साफ़ करने के प्रयास किए जा रहे हैं.

इससे पहले बोगियों में फँसे लोगों को निकालने के लिए गैस कटर्स का इस्तेमाल किया गया.

उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री लक्ष्मणी नारायण ने कहा है कि ज़िला प्रशासन राहत कार्य में पूरी तरह जुटा है और घायलों को मथुरा-आगरा के अस्पतालों में ले जाया गया है.

'इंजन बोगी में घुस गया'

गोवा एक्सप्रेस की एक बोगी में सवार रवींद्र कुमार ने बीबीसी को बताया, "भारतीय समयानुसार तड़के 4.30-5.00 के बीच का समय था और गाड़ी काफ़ी धीमी गति से चल रही थी जब एक झटका लगा. सभी यात्रियों को हमारी बोगी से उतार लिया गया."

उनका कहना था, "हमने देखा कि गोवा एक्सप्रेस का इंजन मेवाड़ एक्सप्रेस की आख़िरी बोगी में घुस गया था. लेकिन इतनी बुरी तरह से यह घुसा था कि मेवाड़ एक्सप्रेस का रेल डिब्बा पूरी तरह से चिपक गया था."

रेल अधिकारियों के अनुसार मेवाड़ एक्सप्रेस के जिस डिब्बे को क्षति पहुँची वह महिला आरक्षित डिब्बा था.

दुर्घटना के कारण कई ट्रेनों का रूट बदलना पड़ा.

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