अंततः वसुंधरा राजे ने इस्तीफ़ा दिया

वसुंधरा राजे
Image caption काफ़ी समय से वसुंधरा के इस्तीफ़े को लेकर बीजेपी के अंदर गतिरोध बना था

भारतीय जनता पार्टी की नेता और राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने राजस्थान विधानसभा में विपक्ष की नेता पद से शुक्रवार को इस्तीफ़ा दे दिया.

भाजपा प्रवक्ता सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बीबीसी से बात करते हुए इस बात की पुष्टि की कि वसुंधरा राजे ने अपना इस्तीफ़ा पार्टी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी को सौंप दिया है.

उल्लेखनीय है कि राजस्थान में लोकसभा और विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा को मिली शिकस्त के बाद वसुंधरा राजे पर पद से हटने काफ़ी दबाव था जिसे वह पिछले तीन महीनों से टालती रही.

पार्टी ने लोकसभा चुनावों में पार्टी के ख़राब प्रदर्शन के बाद वसुंधरा राजे को अपने पद से इस्तीफ़ा देने को कहा था. पहले तो उन्होंने इस्तीफ़ा देने से ही इनकार कर दिया था और अपने समर्थन में विधायकों को जुटाकर शक्तिप्रदर्शन करने में लग गई थीं. बाद में वे इस्तीफ़ा देने के संकेत देने लगीं थीं लेकिन यह कभी नहीं बताया कि वे इस्तीफ़ा कब देंगीं.

इससे पहले 16 अक्टूबर को भाजपा की संसदीय बोर्ड की बैठक हुई थी तब वसुंधरा राजे के इस्तीफ़े के मसले पर भाजपा कोई निर्णय नहीं ले सकी थी. लेकिन इस बार शुक्रवार को दिल्ली में भाजपा संसदीय समिति की बैठक होने से कुछ घंटे पहले ही वसुंधरा राजे ने अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया.

इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि बैठक में पार्टी वसुंधरा के ख़िलाफ़ अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकती है.

इससे पहले इस्तीफ़े को लेकर बीजेपी के वरिष्ठ नेता वेंकैया नायडू और सुषमा स्वराज ने वसुंधरा से बात करने की कोशिश की थी लेकिन वह किसी न किसी बहाने से इनसे नहीं मिली.

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