भारत से स्थिर,सकारात्मक रिश्ते चाहते हैं: चीन

मनमोहन  सिंह और वेन जियाबाओ
Image caption भारत और चीन के बीच अरुणाचल प्रदेश के मुद्दे पर हाल में ख़ासा वाकयुद्ध चला था

भारत और चीन के बीच अरुणाचल प्रदेश और अन्य मसलों पर हाल के वाकयुद्ध के बाद भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और चीनी प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ की थाईलैंड में असियान देशों के सम्मेलन के दौरान बैठक हुई है.

दक्षिण पूर्व एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (आसियान) के थाईलैंड में आयोजित सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं की बैठक में अनेक द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बात हुई है.

बैठक से ठीक पहले चीन के प्रधानमंत्री जियाबाओ ने कहा, "हम भारत के साथ सकारात्मक और स्थिर रिश्ते चाहते हैं."

समाचार एजेंसियों के अनुसार भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने चीनी नेता को चीन की क्रांति के 60 साल पूरे होने पर बधाई दी है.

इससे पहले जब अरुणाचल प्रदेश पर दोनों देशों में वाकयुद्ध छिड़ा था तब भारत ने कड़ा रुख़ अपनाते हुए कहा था कि ‘अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है.’ साथ ही भारत ने ये भी कहा था कि ‘पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में चीनी गतिविधियों के बारे में चिंतित है.’

इससे पहले भारत की विदेश सचिव निरुपमा राव ने कहा था कि दोनों नेता इस बैठक में द्विपक्षीय मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करेंगे. उन्होंने ये भी कहा था कि दोनों देशों के बीच रिश्ते काफ़ी पेचीदा है चाहे हाल के वर्षों में कई क्षेत्रों में ख़ासी प्रगति हुई है.

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