जयपुर में अब तक नहीं बुझ पाई आग

राजस्थान में जयपुर शहर से 15 किलोमीटर दूर स्थित इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के डिपो में गुरुवार रात को लगी भीषण आग पर अभी तक काबू नहीं पाया जा सका है. हालांकि अधिकारियों का कहना है कि आग की लपटें कमज़ोर हुई हैं.

इस दुर्घटना में कम से कम चार लोग मारे गए हैं और 50 से अधिक लोग घायल हुए हैं. छह लोग अभी भी लापता बताए गए हैं.

स्थिति का जायज़ा लेने के लिए पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा जयपुर में है.पेट्रोलियम मंत्री ने शुक्रवार को राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाक़ात के बाद हादसे में मारे गए लोगों के परिजन को 10 लाख रुपए और हादसे में घायल हुए लोगों को दो लाख रुपए मुआवज़े देने की घोषणा की है.

हादसे की जाँच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है. इस समिति को आठ-दस दिनों में रिपोर्ट देने को कहा गया है.

मुरली देवड़ा ने कहा, “ पेट्रोलियम विभाग के कुछ कर्मचारियों का अभी भी पता नहीं चल रहा है. मैं अनिष्ट की आशंका से डरा हुआ हूँ.”

बीबीसी संवाददाता नारायण बारेठ ने बताया है कि पुलिस नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार आग को बुझाने की कोशिश जारी है. आग बुझाने के लिए विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है.आसपास कई किलोमीटर तक धुँए के बादल देखे जा रहे हैं. कुल 12 कंटेनरों में आग लगी थी जिसमें से छह में अब भी लपटे हैं.

घटनास्थल सीतापुरा के आसपास लगभग तीन किलोमीटर का औद्योगिक और रिहायशी इलाक़ा इससे प्रभावित हुआ है और इलाक़े को खाली करवा लिया गया है.

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आग प्रभावितों के लिए मुआवज़े की घोषणा की है. उन्होंने कहा, "ये बहुत ही भीषण आग है. प्रशासन हर तरह की कोशिश कर रहा है. अस्पतालों को कहा गया है कि वे लोगों से इलाज का पैसा न लें. कई लोग जल गए हैं तो कुछ लोग घबराहट में अस्पताल आ रहे हैं. सबकी मदद की जा रही है."

प्रशासन के मुताबिक घायलों को ज़िले के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. प्रभावित लोगों की संख्या बढ़ सकती है.

इनमें से 18 घायल लोगों को शहर के सवाई मानसिंह अस्पताल में, 20 को महात्मा गांधी अस्पताल में और कम से कम दस लोगों के अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. जयपुर के सभी अस्पतालों को प्रशासन ने अलर्ट रहने को कहा है.

जयपुर के ज़िलाधीश कुलदीप रांका ने बीबीसी को बताया, "आग के कारण जान-माल का ख़ासा नुक़सान हुआ है. पूरा प्रशासन बचाव कार्य में लगा हुआ है."

जैसे ही आग की सूचना मिली, हर तरफ़ अफ़रातफ़री मच गई. हर कोई बेचैन होकर इधर-उधर भागने लगा. मैं भी आग वाले क्षेत्र से दूर सुरक्षित स्थान की ओर भागा. अब कुछ घंटे हो गए हैं लेकिन अभी भी बदहवासी का आलम है

प्रत्यक्षदर्शी मुकेश

राहत कार्य

चश्मदीदों के मुताबिक पहले बड़ा धमाका हुआ और आग की ऊँची लपटें उठने लगीं और मकानों में कंपन जैसा सुनाई दी. पुलिस ने सीतापुरा के औद्योगिक क्षेत्र और रिहायशी इलाक़े में रह रहे लोगों को चेतावनी दी कि और धमाके हो सकते हैं और लोग वहाँ से बाहर निकलने लगे. पूरे इलाक़े की घेरा बंदी कर दी गई.

प्रशासन ने लोगों से अपने घर छोड़ कर इलाक़ा खाली करने की हिदायत दी. प्रभावित इलाक़े में लोगों में अफ़रा-तफ़री मच गई.कई लोग अपना घर छोड़कर भागे और रात सड़क पर बिताई.

तेल के जलने के कारण पैदा हुई कार्बन डाईऑक्साइड और कार्बन मॉनॉक्साईड गैसों से अनेक लोग बेचैनी की शिकायत कर रहे हैं.

शहर के पुलिस अधीक्षक जोस मोहन ने बीबीसी को बताया, "पहले 13 और फिर कई और एंबुलेंस को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया. शहर की लगभग सारे अग्निशमन दस्ते घटनास्थल पर पहुँचे हुए हैं."

अधिकारियों ने कहा है कि फ़िलहाल आग लगने के कारणों के बारे में कुछ भी पुख़्ता तौर पर नहीं कहा जा सकता.

जयपुर के मुख्य फ़ायर ऑफिसर ईश्वर चंद का कहना है, "हमारी पच्चीस गाड़ियाँ काम में जुटी हैं. लेकिन मुश्किल तेज़ लपटों से है जिसके कारण तापमान काफ़ी बढ़ गया है और तीन सौ फुट के दायरे में जाना मुश्किल है. हम इंतज़ार कर रहे हैं जैसे ही लपटें कम होंगी हम आग पर नियंत्रण पा लेंगे."

अफ़रा-तफ़री

प्रभावित इलाक़े के क़रीब ही एक फ़ैक्ट्री में का कर रहे कारिगर मुकेश ने बीबीसी को बताया, "जैसे ही आग की सूचना मिली, हर तरफ़ अफ़रातफ़री मच गई. हर कोई बेचैन होकर इधर-उधर भागने लगा. मैं भी आग वाले क्षेत्र से दूर सुरक्षित स्थान की ओर भागा."

घटनास्थल के आधा किलोमीटर दूर रहने वाले इलाक़े के निवासी किशोर ने बीबीसी को बताया, "जैसे ही आग की ख़बर फैली वहाँ कोहराम मच गया. मेरे एक परिचित प्रभावित इलाक़े के बहुत ही क़रीब रहते हैं. वो सूचना मिलते ही अपने परिजनों की हालात के बारे में चिंतित होकर अपने घर की ओर चल पड़े, लेकिन चारों तरफ़ लोग इधर-उधर भाग रहे थे और फिर वे पता नहीं अपने घर पहुँच पाए या नहीं."

राजस्थान में कई ट्रेनें भी रद्द कर दी गई हैं और कई जगह सड़क मार्ग अवरुद्ध हैं.

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