भालू ने मारे चरमपंथी

भालू (फ़ाइल फ़ोटो)

चरमपंथ का असर जंगल के जीवन पर भी पड़ा है.

भारत प्रशासित कश्मीर में एक भालू ने दो चरमपंथियों को मार डाला है और एक को घायल कर दिया है.

राज्य के पुलिस महानिदेशक फ़ारुख अहमद ने बताया कि ये चरमपंथी कुलगाम ज़िले के जंगलों की एक गुफ़ा में छिपे हुए थे जहां भालू ने उन पर आक्रमण कर दिया.

जिस गुफ़ा में वो छिपे थे असल में वो किसी भालू की गुफ़ा थी. गुफ़ा में चार चरमपंथी थे और भालू ने दो को मार दिया जबकि दो अन्य भागने में सफल रहे. बचे दो चरमपंथियों में से एक घायल है.

पुलिस अधिकारी का कहना था कि गांव में यह बात फैली कि ‘क़ैसर को भालू ने मार दिया है’ जिसके बाद पुलिस गश्ती दल जंगल में गई. जंगल में पुलिस को दो चरमपंथियों की लाशें मिली. इनमें से एक की पहचान मोहम्मद अमीन उर्फ़ क़ैसर और बशीर अहमद उर्फ़ सैफुल्लाह के रुप में की गई है.

ये दोनों जम्मू के गुल इलाक़े से हैं. पुलिस को इन दोनों के पास से एके-47 राइफलें और गोलियां मिली हैं.

पुलिस का कहना है कि चरमपंथियों ने भालू के हमले से पहले खाना बनाया था.

पिछले दो दशक में चरमपंथ के भड़कने के बाद से ये अपनी तरह का पहला वाकया है. चरमपंथ का असर जंगलों में रहने वाले जानवरों पर भी पड़ा है. जंगलों में रहने वाला हिरन जैसा जानवर हांगुल पर इसका सबसे बुरा असर बताया जाता है.

हालांकि जंगल अधिकारियों का कहना है कि चरमपंथ के कारण चीतों और भालूओं को फ़ायदा हुआ है क्योंकि इसके कारण लोगों को अपने लाइसेंस और गैर लाइसेंसी हथियार जमा करने पड़े हैं और शिकार पर रोक लगी है.

इससे चीते और भालूओं की संख्या बढ़ी है जिससे जानवरों और लोगों के बीच संघर्ष की घटनाएं बढ़ी हैं.

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