मधु कोड़ा अस्पताल में, आयकर के छापे

मधु कोड़ा

आयकर विभाग की जाँच के दायरे में आ चुके झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा को सीने में दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

मधु कोड़ा को रांची के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहाँ वो स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं. तबीयत ख़राब होने के कारण उनसे पूछताछ में अधिकारियों को मुश्किलें पेश आ रही हैं.

केवल 38 वर्ष की उम्र में एक निर्दलीय विधायक के रूप में किसी राज्य का मुख्यमंत्री बनने वाले मधु कोड़ा का नाम लिम्का बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ था.

लेकिन आजकल उनका नाम ऐसी किसी उपलब्धि नहीं बल्कि भ्रष्टाचार के कथित मामलों से जुड़े होने के कारण चर्चा में है.

अब कथित आरोपों के अनुसार उन्होंने और उनके मित्रों ने मात्र 28 महीनों के अंदर जो सब कुछ अर्जित किया है वो प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग के लिए छापामारी का पर्याप्त आधार बन गया है.

पिछले तीन दिनों से प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग ने मधु कोड़ा और उनके सहयोगियों के 70 ठिकानों पर छापामारी कर चार हज़ार करोड़ रूपए से भी ज़्यादा के निवेश संबंधी दस्तावेज़ बरामद किए हैं.

छापामारी के बाद दी गई जानकारी के मुताबिक इसमें से एक हज़ार करोड़ रूपए हवाला के माध्यम से विदेशों में निवेश किए गए हैं.

प्रवर्तन निदेशालय के सूत्रों के अनुसार यह निवेश अफ्रीका, लाइबेरिया, थाईलैंड और मलेशिया में किए गए हैं. प्रवर्तन निदेशालय ने इस संबंध में इंटरपोल की मदद भी मांगी है.

जाँच का दर्द

मधु कोड़ा से आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों नें लगातार पूछताछ की मगर मंगलवार को मधु कोड़ा ने अचानक सीने में दर्द की शिकायत की.

उन्हें रांची के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

आयकर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मधु कोड़ा पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहे हैं जिस वजह से कार्रवाई लंबी खींचती जा रही है.

आयकर विभाग ने मधु कोड़ा के कथित सात सहयोगियों को एक नोटिस भी जारी किया है.

नोटिस में कहा गया है कि उन्हें आयकर उपनिदेशक (अनुसंधान) अजित श्रीवास्तव के समक्ष छह नवंबर की सुबह 11 बजे तक उपस्थित होने को कहा गया है.

जहाँ छापामारी हुई-

राजेश कोड़ा (मधु कोड़ा के भाई), विनोद सिन्हा (मधु कोड़ा के मित्र), सुनील सिन्हा (विनोद सिन्हा के भाई), संजय चौधरी (मधु कोड़ा और विनोद सिन्हा के साझा मित्र), शैलेश कुमार (विनोद सिन्हा के मित्र), प्रमोद सिंह (पूर्व मुख्यसचिव के आप्त सचिव), प्रेम शंकरण (मीडियाकर्मी और बिल्डर), भीम सिंह (मधु कोड़ा के एक और कथित करीबी), अरुण श्रीवास्तव (मधु कोड़ा के गैर सरकारी आप्त सचिव), हरेंद्र कुमार (मधु कोड़ा के सरकारी आप्त सचिव), अरूप चटर्जी (निजी चैनल के पूर्व रिपोर्टर और वर्तमान में एक चैनल के सीईओ), एमएन पॉल (पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के आप्त सचिव), विजय जोशी (सीमेंट प्लांट के निदेशक), रोहित कृष्णन (पवार टेक कंपनी के निदेशक), बीके सिंह (हवाला एजेंट), रघुनन्दन प्रसाद (खान विभाग के अधिकारी), अशोक सिंह (रामोजी पवार के निदेशक), संजय पुनमिया (मुंबई स्थित हवाला एजेंट), ललित जैन (मुंबई स्थित हवाला एजेंट), विजय जोशी (इंडो असाही ग्लास फैक्ट्री में विनोद सिन्हा के पार्टनर), डीके श्रीवास्तव (लखनऊ स्थित एक कम्पनी के निदेशक), अरविंद व्यास (विनोद सिन्हा की एक कम्पनी के निदेशक).

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