पाक में हिंसा से शांति वार्ता पर असर

उमर अब्दुल्लाह
Image caption इसी महीने की पहली तारीख़ से गृह मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर में प्री पेड मोबाइल सेवा बंद करने की घोषणा की थी

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने कहा है कि पाकिस्तान में जारी संघर्ष और अस्थिरता का असर भारत-पाक वार्ता पर पड़ा है जो राज्य के हित के प्रतिकूल है.

जम्मू-कश्मीर की शीतकालीन राजधानी जम्मू में कामकाज शुरु करते हुए संवाददाताओं से बातचीत में उमर अब्दुल्लाह ने कहा, " पाकिस्तान की अंदरुनी स्थिति का असर भारत पर, विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर पर पड़ा है. हम चाहते हैं कि पाकिस्तान अंदरुनी स्थिति पर जल्दी काबू पा ले, ताकि दोनों देशों के बीच बातचीत को आगे बढ़ाया जा सके. "

उमर ने पाकिस्तान में जारी हिंसा पर अपनी चिंता व्यक्त की.

उमर ने बातचीत के दौरान इस बात को नोट किया कि यदि मीडिया की नज़रों से हट कर ख़ामोशी से कूटनीतिक प्रयास किए जाएँ तो जम्मू-कश्मीर की समस्या के समाधान में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा, "हमने फ़लस्तीन, आयरलैंड और एक हद तक श्रीलंका में देखा है कि किस तरह मीडिया की नज़रों से बच कर की गई बातचीत सफल रही है."

संवाददाताओं से बातचीत करते हुए उमर ने कहा कि राज्य में प्री पेड मोबाइल फ़ोन सेवा को बंद करने की हिमायत राज्य सरकार ने नहीं की थी.

विरोध प्रदर्शन

उन्होंने कहा, "गृह मंत्रालय को पूरे राज्य में प्री पेड सेवा बंद करने से पहले मामले की पूरी तहक़ीकात करनी चाहिए थी ताकि गड़बड़ियों को ठीक किया जा सके. इस बात का ध्यान रखना चाहिए था कि उपभोक्ताओं को उस बात की सज़ा नहीं मिलें जिसमें उनकी कोई ग़लती नहीं थी. "

उन्होंने इस बात को ख़ारिज किया कि सुरक्षा कारणों से प्री पेड सेवा बंद की गई. उमर ने सवाल किया, "हिंसा सिर्फ़ जम्मू-कश्मीर में नहीं बल्कि अन्य राज्यों में भी होती तो फिर यह प्रतिबंध जम्मू कश्मीर में ही क्यों?"

उमर अब्दुल्लाह ने कहा कि राज्य में राजनीति के स्वरूप में परिवर्तन हो रहा है और अब ज्यादा ज़ोर विरोध प्रदर्शन के जरिए अपनी बात कहने पर है.

उन्होंने उत्तरी कमांड के प्रमुख लेफ़्टिनेंट जनरल बीएस जायसवाल की इस बात को ख़ारिज़ किया कि कश्मीर में होने वाला विरोध प्रदर्शन 'विरोध के ज़रिए आतंकवाद है'.

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