मनु शर्मा तिहाड़ जेल लौटे

मनु  शर्मा
Image caption मनु शर्मा जेसिका लाल हत्याकांड में उम्र क़ैद की सज़ा काट रहे हैं

बहुचर्चित जेसिका लाल हत्याकांड में दोषी मनु शर्मा विवादों में घिर जाने के कारण 'परोल' यानी 'सशर्त रिहाई' की अवधि से पहले ही तिहाड़ जेल लौट गए हैं.

मनु शर्मा पर परोल की शर्तों के कथित उल्लघंन का आरोप लगाया जा रहा है.

ये मामला रविवार की रात में हुआ जब मनु शर्मा लैप नामक नाइटक्लब में दिखे. कहा जा रहा है कि मनु शर्मा ने वहां किसी पुलिस अधिकारी के बेटे से लड़ाई भी की थी.

इस विवाद की चपेट में दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित भी हैं. मुख्यमंत्री पर आरोप है कि उन्होंने मनु शर्मा को परोल पर छोड़ने के लिए एक हलफ़नामा दिया था. जेल विभाग का कार्यभार शीला दीक्षित के ही ज़िम्मे है.

मामले की गंभीरती को देखते हुए शीला दीक्षित ने मनु शर्मा पर लगे आरोपों की जाँच के आदेश दे दिए हैं. दिल्ली पुलिस से कहा है कि वो इस बात की जाँच करे कि क्या वाक़ई मनु शर्मा ने परोल का उल्लंघन किया है?

अवधि शेष

32 वर्षीय मनु शर्मा की दो महीने के परोल की अवधि 22 नवंबर को समाप्त हो रही थी लेकिन मनु इससे पहले ही मंगलवार की दोपहर तिहाड़ जेल पहुँच गए.

Image caption जेसिका लाल को 1999 में एक रेस्तरां में गोली मार दी गई थी.

शर्मा को 22 सितंबर को माँ की बीमारी की बुनियाद पर परोल मिला था. लेकिन वो कथित रुप से पिछले हफ़्ते चंड़ीगढ़ के एक नाइट क्लब में भी देखे गए थे. इतना ही नहीं उनकी माँ को एक प्रेस वार्ता में देखा गया.

विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि मनु शर्मा को दिल्ली सरकार के 'राजनीतिक दबाव' के कारण परोल मिला था. हालाँकि शीला दीक्षित इस आरोप का खंडन करती हैं. उनका कहना है कि उन्होंने वही किया, जो क़ानून है.

मामला

दिल्ली के महरौली इलाक़े की एक रेस्तराँ के में 1999 में शराब परोसने का काम कर रही मॉडल जेसिका लाल की हत्या कर दी गई थी.

आरोप है कि मनु शर्मा ने जेसिका लाल की गोली मारकर हत्या कर दी जबकि उनके दोस्तों ने सबूत मिटाने की कोशिश की.

आरोपों के अनुसार मनु शर्मा ने जेसिका लाल की इसलिए हत्या कर दी क्योंकि जेसिका ने मनु के कहने पर भी उसे शराब परोसने से मना कर दिया था.

मनु शर्मा के अलावा इस मामले में आठ और लोगों को भी अभियुक्त क़रार दिया गया था.

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