मेट्रो निकली दिल्ली के बाहर

मेट्रो
Image caption मेट्रो सेवाओं के बेहतरीन कार्य का श्रेय ई श्रीधरन को दिया जाता है.

दिल्ली के सटे उत्तर प्रदेश के शहर नोएडा (गौतमबुद्ध नगर) के लिए मेट्रो रेल की सेवाओं का गुरुवार को उदघाटन कर दिया गया है.

इसके साथ ही मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त (सीएमआरएस) ने भी मेट्रो सेवा को सुरक्षा सर्टिफिकेट दे दिया है जिसके बाद शुक्रवार यानी 13 नवंबर से यात्री नोएडा से दिल्ली के बीच आना जाना कर सकेंगे.

दिल्ली में मेट्रो रेल सेवा की शुरुआत दिसंबर, 2002 में हुई थी.

अब तक मेट्रो रेल सेवा 65 किलोमीटर का सफ़र तय करती थी लेकिन दूसरा चरण पूरा हो जाने के बाद यह दूरी 165 किलोमीटर हो जाएगी.

यह पहली बार है जब मैट्रो रेल किसी दूसरे राज्य के शहर से जुड़ी है. आने वाले दिनों में यह एक और पड़ोसी राज्य हरियाणा से भी जुड़ने वाली है.

नोएडा के लिए मेट्रो ट्रेन अगस्त महीने के अंत में शुरु होनी थी लेकिन जमरुदपुर में मेट्रो निर्माण कार्य के दौरान हुई दुर्घटना के बाद सभी लाईनों की नए सिरे से जाँच की गई और इसी वजह नोएडा की सेवा शुरु करने में देर हुई.

ट्रेन सेवा के उदघाटन से पहले दो दिनों तक सीएमआरएस की टीम ने पूरी रेल लाइन का निरीक्षण किया और फिर सर्टिफिकेट दिया.

नोएडा से दिल्ली की दूरी क़रीब 12.8 किलोमीटर की होगी और नोएडा में मेट्रो छह स्थानों पर रुकेगी.

दिल्ली-गुड़गाँव भी

नोएडा के बाद मेट्रो सेवाएं जल्दी ही गुड़गांव और दिल्ली को भी जोड़ने वाली हैं.

गुड़गांव से दिल्ली की लाइन का काम एक हद तक पूरा हो चुका है और इसका कुछ हिस्सा अगले छह महीनों में शुरु होने की संभावना जताई जा रही है.

इतना ही नहीं दिल्ली और फ़रीदाबाद को जोड़ने वाली मेट्रो परियोजना का काम भी जल्दी ही पूरा होने वाला है.

मेट्रो सेवाएं दिल्ली और उसके उपनगरीय इलाक़ों को जोड़ तो रही हैं लेकिन मेट्रो के किरायों में भी बढ़ोतरी कर दी गई है.

13 नवंबर से लागू हो रही दरें पिछली दरों की तुलना में 33 प्रतिशत अधिक हैं.

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