मोबाइल पर प्रतिबंध पर जवाब माँगा

Image caption जम्मू कश्मीर में प्रीपेड मोबाइल पर प्रतिबंध को चुनौती दी गई है

सुप्रीम कोर्ट ने भारत प्रशासित राज्य जम्मू कश्मीर में प्रीपेड मोबाइल सेवाओं पर प्रतिबंध लगाने के फ़ैसले पर केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है.

मुख्य न्यायाधीश केजी बालाकृष्णन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने गृह मंत्रालय और संचार मंत्रालय को सोमवार को नोटिस जारी कर उनसे दो सप्ताह में जवाब माँगा है.

ये याचिका जम्मू कश्मीर पैंथर्स पार्टी ने दायर की है.

पैंथर्स पार्टी के प्रमुख भीम सिंह का कहना है कि ये फ़ैसला 'असंवैधानिक, अधिनायकवादी और मनमाना' है.

रोक

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने भारत प्रशासित राज्य जम्मू कश्मीर में पहली नवंबर से प्री पेड मोबाइल सेवाओं पर रोक लगाने के आदेश दिए थे.

सरकार का कहना है कि सुरक्षा की वजह से ऐसा निर्णय लिया गया है.

भारत सरकार के गृह मंत्रालय का कहना है कि जम्मू कश्मीर में पहली नवंबर से कोई नया प्री पेड कनेक्शन नहीं दिया जाएगा और जो पहले से प्री पेड सेवा की सुविधा उठा रहे हैं उनके सिम कार्ड का नवीनीकरण नहीं किया जाएगा.

सरकार की इस क़दम से राज्य के क़रीब 38 लाख मोबाइल उपभोक्ता प्रभावित हुए हैं.

गृह मंत्रालय का कहना था कि उसके पास इस तरह की सूचनाएं मिली थीं कि प्री पेड सेवा देते समय कंपनियाँ ठीक तरीके से उपभोक्ता की पहचान की जाँच पड़ताल नहीं करती हैं जिसके बाद इस सुविधा को ख़त्म करने का निर्णय लिया गया.

उन्होंने कहा कि सूचनाओं के मुताबिक़ कुछ दुकानदार जाली पहचान पत्रों पर भी उपभोक्ता को मोबाइल सिम दे देते थे.

पिछले दिनों जम्मू कश्मीर की अपनी यात्रा के दौरान गृह मंत्री पी चिदंबरम ने कहा था कि सुरक्षा कारणों से सरकार कोशिश कर रही है कि वो लोगों को प्री पेड मोबाइल सेवा से पोस्ट पेड मोबाइल सेवा की सुविधा उठाने के लिए प्रेरित कर सकें.

पीटीआई के अनुसार जम्मू कश्मीर में मोबाइल सेवा मुहैया कराने वाली कंपनी एयरटेल के क़रीब 19 लाख, बीएसएनएल के 12 लाख और एयरसेल के सात लाख उपभोक्ता हैं.

संबंधित समाचार