'गांवों को नही मिल रही बिजली'

कूमी नायडू
Image caption नायडू भारतीय मूल के दक्षिण अफ्रीकी नागरिक हैं.

ग्रीनपीस ने भारत सरकार की ऊर्जा नीति की आलोचना की है और कहा है कि देश में बिजली उत्पादन बढ़ने के बावजूद ग्रामीण इलाक़ों को बिजली नहीं मिल पा रही है.

पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर काम करने वाली इस संस्था ने स्टिल वेटिंग नाम से आज यह रिपोर्ट जारी की है जो भारत के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति के संदर्भ में किए गए सर्वेक्षण पर आधारित है.

आज ही भारतीय मूल के दक्षिण अफ्रीकी नागरिक कूमी नायडू ने ग्रीनपीस के अंतरराष्ट्रीय महानिदेशक का कार्यभार भी सँभाला है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में बिजली उत्पादन में और कार्बन उत्सर्जन में बढ़ोतरी हुई है लेकिन गांवों में रहने वाली ग़रीब आबादी अभी भी बिजली के अभाव से जूझ रही है.

रिपोर्ट में सरकारी ऊर्जा नीति पर सवाल खड़े किए गए हैं और कहा गया है कि इसमें बदलाव की ज़रुरत है.

रिपोर्ट के अनुसार देश के गांवों में या तो बहुत कम समय के लिए बिजली होती है और अगर मिलती है तो इसकी गुणवत्ता बहुत घटिया होती है.

इसके विपरीत शहरों में सौ प्रतिशत घरों को बिजली मिलती है और इसकी गुणवत्ता भी अच्छी होती है. कुछ शहरी क्षेत्रों में प्रति व्यक्ति बिजली उपयोग विकसित राष्ट्रों के स्तर से भी अधिक देखा गया है.

इस रिपोर्ट को बनाने के लिए उड़ीसा, बिहार, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के गांवों और शहरों का सर्वेक्षण किया गया है.

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