आपके सवाल.... उनके अनुभव

ताज होटल
Image caption हमले के समय हेमा और भार्गव ताज होटल में थे

बीबीसी हिंदी वेबसाइट पर आज पहली बार हम लाइव चैट का प्रयोग करेंगे.

भारतीय समयानुसार दिन में 3.30 - 5.00 बजे तक चलनेवाले इस चैट में हमारे साथ होंगे हेमा थांकी, भार्गव थांकी और प्रशांत थांबे.

इन तीनों में पिछले साल 26 नंवबर की रात को मुंबई में हुए हमलों को बहुत नज़दीक से देखा था.

हेमा और भार्गव थांकी अपने दस-वर्षीय बेटे के साथ ताज होटल के शामियाना रेस्टोरेंट में रात का खाना खा रहे थे जब बंदूकधारियों ने यहाँ हमला किया.

उनकी आंखों के सामने लोग मारे गए. उनके बेटे को लगा कि मानो कोई वीडियो गेम चल रहा हो.

हेमा थांकी घटना के तीन महीने बाद तक परेशान रहीं. वो मानती हैं कि किस्मत ने उन्हें बचा लिया.

भार्गव का अपना व्यापार है और वो दक्षिणी मुंबई के पॉश इलाक़े में रहते हैं.

प्रशांत थांबे

Image caption प्रशांत थांबे लियोपोल्ड में काम कर रहे थे जब हमला हुआ

लियोपोल्ड में वेटर का काम करने वाले प्रशांत थांबे मुंबई की एक झोपड़पट्टी में रहते हैं.

26 नवंबर की रात लियोपोल्ड में हुई गोलीबारी में उन्हें भी गोली लगी थी. उन्हें दाएं हाथ में गोली लगी थी और किसी तरह बच पाए.

अपने आपको टेबल के अंदर छुपाकर बचे प्रशांत को मात्र तीन हज़ार महीने की पगार मिलती है. प्रशांत इस घटना के कई महीनों बाद तक भी डरे सहमे रहते थे.

बीबीसी हिंदी लाइव चैट में हेमा थांकी, भार्गव थांकी और प्रशांत थांबे याद करेंगे उस रात को और अपनी ज़िंदगी पर उससे होनेवाले प्रभाव पर.

इस दौरान आप उनके सामने अपने सवाल भी रख सकते हैं. चैट होनेवाले पन्ने को अगर आप बुकमार्क करना चाहें, तो यहाँ क्लिक करें.

और अगर आप अपने सवाल पहले से ही भेजना चाहते हैं तो नीचे दिए गए फ़ॉर्म का इस्तेमाल करें.

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