'मस्जिद नहीं महा ज़िद है ये'

लालकृष्ण आडवाणी
Image caption आडवाणी ने बाबरी मस्जिद पर आयोग की लीक रिपोर्ट पर तुरंत बहस की मांग की

सोमवार को लिबरहान आयोग की रिपोर्ट के कुछ अंश प्रकाशित होने से एक बार फिर बाबरी मामले की गूंज सुनाई देने लगी है. विपक्षी पार्टियों ने लिबरहान आयोग की रिपोट लीक होने पर तीख़ी प्रतिक्रया व्यक्त की है.

विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी ने इस मामले पर सदन की कार्यवाही स्थगित करने की मांग करते हुए कहा, "लिबरहान आयोग ने अपनी रिपोर्ट जून में ही सरकार को सौंप दी थी फिर इसे संसद में पेश करने में इतनी देरी क्यों हुई है? मैं सरकार से संसद में इस रिपोर्ट को ज्यों का त्यों आज ही रखने की मांग करता हूँ".

उन्होंने कहा, "मैं लिबरहान आयोग को लिखित में पहले ही कह चुका हूँ कि विवादित ढाँचा का टूटना मेरे लिए दुखद था. लेकिन अयोध्या आंदोलन से जुड़ना मेरे लिए गर्व की बात थी".

भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने कहा, "मैं समझता हूँ कि इस लीक के पीछे राजनीतिक मक़सद है. सबसे अच्छा यह होगा कि सरकार पूरी रिपोर्ट को संसद में पेश करे और बताए कि वह इस रिपोर्ट पर क्या कार्रवाई करना चाहती है."

वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मनमोहन वैद ने इसे पिछले साल मुंबई में होने वाली घटना से जोड़ कर कहा, "अभी पूरा देश 26 नवंबर की बरसी पर राष्ट्रभक्ति में डूबा हुआ है इसमें अभी दो तीन दिन हैं. मेरा कहना है कि अभी इसे क्यों लीक किया गया."

उन्होंने कहा, जहां तक वर्ष 92 की घटना का सवाल है तो संघ ने स्पष्ट कर रखा है कि जो कारसेवक वाहां एकत्रित हुए थे उनके पास उस ढांचे को गिराने की कोई पूर्वयोजना नहीं थी."

समाजवादी भी

विनय कटियार ने एक समाचार चैनल से बात करते हुए कहा कि यह मस्जिद का सवाल कहां है यह तो 'महा-ज़िद' का सवाल है.

बीजेपी के प्रवक्ता राजीव प्रताप रुडी ने कांग्रेस पर रिपोर्ट लीक करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि इस बहाने सरकार भ्रष्ट्राचार और महंगाई जैसे मूल मुद्दों से लोगों का ध्यान बटाना चाहती है.

वहीं कांग्रेस के प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने भाजपा पर प्रहार करते हुए कहा कि पूरे देश को पता है कि किस तरह से एक पार्टी के बड़े नेता मस्जिद को गिराते हुए देखते रहे और घड़ियाली आंसू बहाते रहे.

उन्होंने कहा, "चूँकि रिपोर्ट संसद की संपत्ति है इस वजह से रिपोर्ट के सही होने या उसे ख़ारिज करने का कोई सवाल नहीं है. संसद का सत्र चल रहा है और जब सरकार इस रिपोर्ट को पेश करेगी तब ही इस मामले पर हम बात करेंगे."

समाजवादी पार्टी के सचिव अमर सिंह ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा, "संसद का सत्र चल रहा है तब रिपोर्ट पेश की जानी चाहिए और उसे मीडिया को लीक नहीं किया जाना चाहिए था. यह अलोकतांत्रिक है हम उसका विरोध करते हैं. "

राष्ट्रीय लोक दल के नेता अजित सिंह ने लिबरहान आयोग की रिपोर्ट लीक होने पर अपनी टिप्पणी देते हुए कहा, "सरकार ने इस सत्र में रिपोर्ट पेश करने का आश्वासन दिया है. रिपोर्ट पेश होने दिया जाए. संसद पर इस मामले पर बहस करने के लिए सबसे उपयुक्त फ़ोरम है."

वेंकय्या नायडू ने कहा, "यह लीक सरकार की साज़िश है, विपक्ष ने चारों ओर से सरकार को घेर लिया है, गन्ना किसान मामाला हो या मधु कोड़ा या घोटाला मामला हो, जब हम तैयार हैं चर्चा के लिए तो सरकार इसमें इतनी देर क्यों लगा रही है."

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