परमाणु समझौते के प्रति वचनबद्ध हैं: ओबामा

Image caption राष्ट्रपति ओबामा और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने संयुक्त पत्रकारवार्ता को संबोधित किया

भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाक़ात के बाद अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि अमरीका असैनिक परमाणु समझौते के प्रति वचनबद्ध है.

वॉशिंगटन में मुलाक़ात के बाद संयुक्त पत्रकारवार्ता में दोनों नेताओं ने कहा कि अमरीकी और भारत, क्षेत्रीय सुरक्षा और गुप्तचर सूचनाओं जैसे मुद्दों पर और अधिक साझेदारी पर सहमत हो गए हैं.

साथ ही दोनों नेताओं ने जलवायु परिवर्तन, आर्थिक सुधार और वैज्ञानिक शोध पर रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की.

राष्ट्रपति ओबामा ने कहा कि भारत उभरती हुई और ज़िम्मेदार अंतरराष्ट्रीय ताक़त है.

उनका कहना था कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह उन्हें भारत आने का न्योता दिया है और उन्होंने ये स्वीकार कर लिया है और वो अगले साल भारत की यात्रा करेंगे.

राष्ट्रपति ओबामा ने मनमोहन सिंह की तारीफ़ करते हुए कहा कि वो एक बुद्धिमान और ईमानदार नेता हैं जिन पर वो भरोसा करते हैं.

पाकिस्तान संबंधी सवाल का उन्होंने सीधा जवाब नहीं दिया और कहा कि अमरीका किसी एक देश में नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र में शांति और स्थिरता चाहता है.

उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच अमरीका नहीं पड़ना चाहेगा.

सहयोग पर सहमति

राष्ट्रपति ओबामा ने कहा कि 21वीं सदी भारत और अमरीका की होगी क्योंकि दोनों देश न सिर्फ़ विशाल हैं, बल्कि लोकतंत्र से लेकर पारिवारिक मूल्यों तक में समान रूप से विश्वास करते हैं.

मनमोहन सिंह ने कहा कि अमरीका के साथ वैश्विक, आर्थिक, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि क्षेत्रों में व्यापक सहयोग पर सहमति बनी है.

भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि लोकतंत्र दोनों देशों को जोड़ता है.

उन्होने बताया कि उनकी राष्ट्रपति ओबामा के साथ आतंक के ख़िलाफ़ सहयोग पर सहमति हुई है.

मनमोहन सिंह का कहना था कि राष्ट्रपति ओबामा ने परमाणु समझौते का आदर करने का भरोसा दिलाया है.

दोनों देशों के बीच जलवायु परिवर्तन पर कोपेनहेगन में होने वाले सम्मेलन को लेकर कई मुद्दों पर सहमति भी बनी. इससे पहले मनमोहन सिंह तथा उनकी पत्नी गुरशरण कौर का व्हाइट हाउस के पूर्वी कक्ष में स्वागत किया गया.

मनमोहन सिंह दंपती को ओबामा प्रशासन का प्रथम राजकीय अतिथि होने का सम्मान मिला है.

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