राव अंदर से हमारे साथ थेः सिंघल

अटल बिहारी वाजपेयी

विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय प्रमुख अशोक सिंघल ने कहा है कि अटल बिहारी वाजपेयी और नरसिंहा राव को बाबरी मस्जिद मामले से पूरी तरह से बाहर नहीं रखा जा सकता है.

उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी न केवल बाबरी मस्जिद को हटाने के लिए चले राम मंदिर आंदोलन में शामिल थे बल्कि इसके लिए वो जेल तक गए थे.

उन्होंने कहा कि इस मामले में उनकी तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिंहा राव से भी मुलाकात हुई थीं और इसके लिए उनकी मदद भारत के बड़े व्यापारियों में से एक, धीरूभाई अंबानी ने की थी.

उन्होंने कहा, "ऐसा कहना कि अटल बिहारी वाजपेयी बाबरी मामले से बाहर हैं, सही नहीं है. वो राममंदिर आंदोलन में शामिल थे. इस आंदोलन के दौरान वो गिरफ्तार भी हुए थे. उनकी गिरफ़्तारी लखनऊ में हुई थी."

राव निर्दोष नहीं

पिछले दिनों बाबरी मस्जिद विध्वंस पर बने लिबरहान आयोग ने अपनी रिपोर्ट में तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिंहा राव को इस पूरे प्रकरण में निर्दोष करार दिया था.

पर अशोक सिंघल इसे ग़लत ठहराते हुए तंज़ भरे लहजे में कहते हैं कि किस किस का नाम वो सार्वजनिक करें.

उन्होंने कहा, "उस वक़्त जो प्रधानमंत्री (नरसिंहा राव) थे, वो भी अंदर से हमारे साथ थे. मैं तीन बार उनसे मिला."

उन्होंने एक और अहम नाम लेते हुए कहा, "मेरी नरसिंहा राव से मुलाकात कराने वाले सूत्र थे धीरूभाई अंबानी. उन्होंने मुझसे कहा कि क्या आप राव जी से मिलेगो, मैं चाहता हूँ कि आप मिलिए. तीन बार मेरी राव जी से मुलाक़ात हुई, वो भी आमने-सामने."

विश्व हिंदू परिषद के शीर्ष नेतृत्व ने इस तरह अटल बिहारी वाजपेयी को बाबरी मस्जिद प्रकरण से बाहर रखने वाले खेमे और लिबरहान आयोग की ओर से राव को निर्दोष करार देने वाले तर्कों पर सवाल खड़े किए हैं.

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