माओवादियों ने रेल पटरी,स्कूल भवन उड़ाया

माओवादी बंद
Image caption माओवादियों के बंद का व्यापक असर हुआ है.

भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के 48 घंटों के बंद के दौरान झारखंड के विभिन्न इलाकों से हिंसा की खबरें मिल रहीं हैं.

यह बंद प्रतिबंधित संगठन नें अपने एक शीर्ष नेता अशोक महतो की कथित गिरफ़्तारी के विरोध में बुलाया गया है.

संगठन की झारखंड क्षेत्रीय कमेटी के सचिव समर जी ने बीबीसी से बातचीत के दौरान आरोप लगाया है कि अशोक महतो को पुलिस ने अन्गादा थाना इलाके से 23 अक्तूबर को गिरफ़्तार किया है. गिरफ़्तारी के बाद से अशोक महतो को न तो अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया है और न मीडिया के सामने, ऐसा माओवादियों का आरोप है.

दूसरी तरफ़ पुलिस नें इस तरह की किसी भी गिरफ़्तारी से इनकार किया है.

शनिवार की आधी रात से जैसे ही बंद प्रभाव में आया, माओवादियों के सशस्त्र दस्ते नें बोकारो के निकट दनिया और जोगेश्वर विहार रेलवे स्टेशनों के बीच ज़ोरदार धमाका किया और पटरी को क्षतिग्रस्त कर दिया जिसके कारण हावड़ा-दिल्ली रेल खंड पर ट्रेनों का परिचालन बाधित रहा.

इसके अलावा पलामू जिले के हरिहरगंज इलाके में माओवादियों नें धन्मानी उच्च विद्यालय के भवन को विस्फोट कर उड़ा दिया.

पुलिस का कहना है कि पूर्वी सिंहभूम जिले के बोदाम में बीच सड़क पर माओवादियों ने बारूदी सुरंग का विस्फोट किया है जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई है और कई घायल हुए हैं.

माओवादियों के बंद का सबसे बुरा असर दूसरे चरण के चुनाव प्रचार पर पड़ा है.

विधान सभा चुनाव के दूसरे चरण की 14 सीटों के लिए दो दिसंबर को मतदान होगा. चुनाव प्रचार 30 नवंबर को थम जाएगा मगर माओवादियों के बंद के कारण चुनावी भोंपू भी खामोश हो गए हैं.

ज़्यादातर सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है. राजमार्गों पर ट्रक और बसों का परिचालन तो बंद है ही, निजी वाहन भी सड़कों पर से गायब हैं.

खास तौर पर खूंटी, तमाड़, गुमला, पलामू, गढ़वा, लातेहार, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम के ग्रामीण इलाकों में बंद का ज़ोरदार असर देखा जा रहा है.

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार बंद के कारण कोयले और लोह अयस्क की धुलाई भी बाधित है. राजमार्गों पर अर्धसैनिक बलों के जवान गश्त कर रहे हैं.

संबंधित समाचार