तेलंगाना राज्य की माँग पर हिंसा

के चंद्रशेखर राव
Image caption चंद्रशेखर राव को गिरफ़्तार कर लिया गया.

आंध्र प्रदेश में अलग तेलंगाना राज्य की माँग ने रविवार को हिंसात्मक मोड़ ले लिया.

तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के नेता के चंद्रशेखर राव ने आमरण अनशन शुरु करने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उन्हें गिरफ़्तार कर लिया.

उन्हें करीमनगर से हिरासत में लिया गया और बाद में स्थानीय अदालत ने उन्हें चौदह दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया.

अपने नेता की गिरफ़्तारी से भड़के टीआरएस कार्यकर्ता पूरे तलंगाना इलाक़े में सड़कों पर निकल आए.

हिंसा की सबसे बड़ी घटना उस्मानिया विश्वविद्यालय में हुई जहां लगभग चार हज़ार छात्र पथराव करते हुए बाहर निकल आए. उन्होंने कॉलेज की संपत्ति को भी नष्ट किया और पुलिस वालों से झड़प भी हुई.

मेडक, करीमनगर, वारंगल और महबूबनगर ज़िलों से भी हिंसा की ख़बरें मिली है.

आत्मदाह की कोशिश

टीआरएस के क्रोधित कार्यकर्ताओं ने आत्मदाह की भी कोशिश की. इनमें से एक मेडिकल कॉलेज के छात्र श्रीकांत ने हैदराबाद में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान पेट्रौल छिड़क कर खुद को आग लगा ली और उसे नाज़ुक स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

चंद्रशेखर राव के भांजे और टीआरएस विधायक टी हरीश राव ने भी आत्मदाह की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया और गिरफ़्तार कर लिया.

चंद्रशेखर राव ने करीमनगर के सिद्दीपेट में एक बड़े मैदान में हज़ारों समर्थकों के साथ आमरण अनशन पर बैठने की योजना बनाई थी. उन्होंने कहा था कि जब तक केंद्र सरकार अलग राज्य की घोषणा नहीं करेगी, वो अनशन नहीं तोड़ेंगे.

चंद्रशेखर राव की गिरफ़्तारी और पुलिस पर लाठी चार्ज के विरोध में टीआरएस और कई दूसरे संगठनों ने सोमवार को तेलंगाना बंद का आह्वान किया है.

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