वरिष्ठ अधिकारी ने आत्महत्या की

भवन निर्माण
Image caption अधिकारियों का कहना है कि उन पर सरकार का काफ़ी दबाव है

उत्तर प्रदेश सरकार की कई विवादित परियोजनाओं की देख-रेख कर रहे एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने आत्महत्या कर ली है.

उत्तर प्रदेश के आवास विभाग में मुख्य सचिव हरमिंदर राज सिंह ने शनिवार की रात ख़ुद को गोली मार कर आत्महत्या कर ली. वे मुख्यमंत्री मायावती के कई विवादित 'ड्रीम प्रोजेक्ट' से जुड़े हुए थे.

उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ए के जैन ने इसे एक बेहद अफसोसजनक घटना बताया है. हरमिंदर राज सिंह के सहयोगी और मित्र इस घटना से स्तब्ध हैं.

हरमिंदर राज सिंह का शव दिल्ली ले जाया गया है जहां सोमवार को उनका अंतिम संस्कार होगा.

ए के जैन ने बताया, "हरमिंदर राज सिंह ने विक्रमादित्य मार्ग पर स्थित अपने आवास पर रिवॉल्वर से सिर में गोली मार ली. उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुँचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया."

ए के जैन के मुताबिक हरमिंदर राज सिंह अवसाद की दवा का सेवन कर रहे थे.

नाम नहीं बताने की शर्त पर हरमिंदर राज सिंह के सहयोगियों ने बीबीसी को बताया कि सरकार की तरफ़ से उनपर कुछ विवादित फ़ाइलों को निपटाने का दबाव था. उनका कहना है कि एक उच्च सरकारी अधिकारी ने फ़ाइलों पर हस्ताक्षर नहीं करने की वजह से हरमिंदर सिंह को अपमानित किया था.

एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक अधिकारियों पर गैर क़ानूनी काम करने का काफ़ी का दबाव रहता है. जो लोग ऐसा नहीं करते हैं उन्हें अपमानित किया जाता है और उनका तबादला ऐसे पदों पर कर दिया जाता है जो काम की दृष्टि से महत्वपूर्ण नहीं होते हैं.

उनका कहना है कि सरकारी दबाव की वजह से कई अधिकारी अवसाद, ब्लड प्रेशर और हृदय रोग से परेशान हैं और दवा का सेवन कर रहे हैं.

इस बीच भारतीय प्रशासनिक सेवा संघ के सचिव संजय रेड्डी का कहना है कि उत्तर प्रदेश में काम करने वाले अधिकारी तनाव में होते हैं और वे ये मुद्दा उठा चुके हैं लेकिन कुछ ठोस नहीं किया गया.

विपक्षी समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पूरे मामले की सीबीआई से जाँच कराने की माँग की है. उनका कहना था, 'हरमिंदर राज के परिजनों के चेहरे से लग रहा था कि वे कितने तनाव में हैं.'

मायावती के सचिव रह चुके और अब कांग्रेस पार्टी में शामिल पीआर पुनिया ने इस मामले की न्यायिक जाँच की माँग की है. उन्होंने आरोप लगाया कि मायावती सरकार अधिकारियों पर ग़लत काम करने का दबाव बनाती है.

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