जम्मू कशमीर में नई रोज़गार नीति

जम्मू कश्मीर में राज्य सरकार ने करीब पांच लाख बेरोज़गार लोगों के लिए औपचारिक तौर पर रोज़गार नीति की घोषणा की है.

ये पहली बार है जब राज्य सरकार ने ऐसी किसी नीति की घोषणा की है.इसमें सरकारी और निजी क्षेत्र दोनों में रोज़गार अवसर दिलाने की बात शामिल है.

इसकी घोषणा मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू में की. योजना के तहत 20 साल की उम्र वाले और 10वीं पास नौजवानों को 500 रुपए देने का प्रावधान है. साथ ही स्नातकोत्तर और टेक्नोक्रेट को 1100 रुपए दिए जाएँगे बशर्ते उनकी सालाना आमदनी पचास हज़ार से कम हो.

रोज़गार एक्सचेंज में पंजीकरण कराने वाले करीब पांच लाख बेरोज़गार युवक इसका फ़ायदा उठा पाएँगे. सरकार समय-समय पर इनकी सेवाएँ लेती रहेगी.

रोज़गार अवसर

रोज़गार नीति को शेरे-कश्मीर रोज़गार और कामकाज नीति का नाम दिया गया है.

इस मौके पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, “जम्मू कशमीर में युवकों के हितों के ध्यान रखने के अपने वादे को हमने निभाया है.”

मुख्यमंत्री ने अपने कार्यकाल यानी नवंबर 2014 तक युवकों को एक लाख सरकारी नौकरियाँ देने का वादा किया है. इसके अलावा औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों और स्व-रोज़गार प्रशिक्षण केंद्रो पर जो़र दिया गया है.

अपना कामकाज शुरु करने वाले युवकों को सरकार आसानी से ऋण भी देगी.

2008 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस और नेशनल कांफ़्रेंस ने बेरोज़गार युवकों को नौकरियाँ देने की बात की थी.

ये कहा जाता रहा है कि जम्मू कश्मीर में चरमपंथ के लिए बेरोज़गारी एक मुख्य कारण है.,ख़ासकर कश्मीर वादी में जहाँ कामकाज के अभाव में युवक बंदूक का रास्ता अपनाते हैं.

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