तेलंगाना क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल

चंद्रशेखर राव
Image caption घोषणा के बाद चंद्रशेखर राव ने भी अनशन तोड़ा

अलग तेलंगाना राज्य के गठन की प्रक्रिया शुरू करने की केंद्र सरकार की घोषणा के बाद आंध्र प्रदेश की राजधानी हैदराबाद समेत तेलंगाना क्षेत्र के ज़िलों में ख़ुशी की लहर दौड़ गई.

बुधवार देर रात जैसे ही केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम ने अलग तेलंगाना राज्य की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की, हैदराबाद और अन्य ज़िलों में उत्सव जैसा माहौल हो गया.

हैदराबाद के निज़ाम इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस (निम्स) के बाहर तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के समर्थकों ने जम कर जश्न मनाया.

पिछले 11 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे टीआरएस प्रमुख के चंद्रशेखर राव ने भी अपना अनशन ख़त्म कर दिया.

विचार-विमर्श

उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रस अध्यक्ष सोनिया गांधी और विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी के प्रति आभार व्यक्त किया.

हैदराबाद के ओस्मानिया यूनिवर्सिटी में छात्रों ने जय तेलंगाना के नारों के बीच रातभर जश्न मनाया. पटाखे छोड़े गए, मिठाइयाँ बाँटी गई और लोगों ने गले लगकर एक-दूसरे को बधाई दी.

लेकिन पी चिदंबरम की इस घोषणा के बावजूद हैदराबाद में कर्फ़्यू जैसी स्थिति बनी हुई है. हालाँकि ओस्मानिया यूनिवर्सिटी के छात्रों ने असेंबली चलो अभियान ख़त्म कर दिया है. इसकी जगह वे विजय रैली निकालेंगे.

लेकिन हैदराबाद में सुरक्षाकर्मी पहले की तरह तैनात हैं. विधानसभा की ओर जाने वाली सड़कें सूनी हैं और बस सेवा प्रभावित हुई है.

बुधवार देर रात को गृह मंत्री पी चिदंबरम ने घोषणा की कि अलग तेलंगाना राज्य के गठन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी और इस संबंध में आंध्र प्रदेश विधानसभा में प्रस्ताव भी पेश किया जाएगा.

पिछले 11 दिनों से टीआरएस के प्रमुख के चंद्रशेखर राव आमरण अनशन पर थे. तेलंगाना क्षेत्र में भी अलग राज्य की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन चल रहे थे और कई जगह स्थिति तनावपूर्ण थी.

चंद्रशेखर राव की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई थी. इन हालातों के बीच बुधवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं के बीच कई दौर की बातचीत हुई.

इसके बाद बुधवार देर रात गृह मंत्री पी चिदंबरम मीडिया के सामने आए और उन्होंने केंद्र सरकार के फ़ैसले के जानकारी दी.

उन्होंने बताया, "विचार-विमर्श के बाद हमने फ़ैसला किया है कि तेलंगाना राज्य के गठन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. इस संबंध में एक प्रस्ताव आंध्र प्रदेश विधानसभा में रखा जाएगा."

चिंता

पी चिदंबरम ने कहा कि सरकार तेलंगाना राज्य की मांग पर आंदोलन को लेकर काफ़ी चिंतित थी. उन्होंने बताया कि बुधवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के रोसैया के साथ इस मुद्दे पर विचार-विमर्श किया गया.

Image caption हैदराबाद में ख़ूब पटाखे छूटे

तेलंगाना क्षेत्र में आंध्र प्रदेश विधानसभा की 294 में से 119 सीटें आती हैं जबकि लोकसभा की 42 सीटों में से 17 इस क्षेत्र से आती हैं.

के चंद्रशेखर राव ने वर्ष 2001 में तेलुगूदेशम पार्टी छोड़कर तेलंगाना राष्ट्र समिति का गठन किया था. इस पार्टी का गठन अलग तेलंगाना राज्य की मांग को लेकर ही हुआ थी.

वर्ष 2004 में टीआरएस कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) का हिस्सा था. लेकिन वर्ष 2006 में पार्टी ने यह कहते हुए कांग्रेस से किनारा कर लिया कि पार्टी अलग तेलंगाना राज्य की मांग पर ध्यान नहीं दे रही है.

संबंधित समाचार