'प्रत्यर्पण पर कुछ कहना जल्दबाज़ी'

डेविड हेडली (कोर्ट रूम स्केच)
Image caption डेविड हेडली अदालत में पेश हुए

अमरीका ने कहा है कि पाकिस्तानी मूल के अमरीकी नागरिक डेविड कोलमन हेडली को भारत प्रत्यर्पित करने के बारे में कुछ कहना अभी जल्दबाज़ी होगी.

डेविड हेडली को इस साल अक्तूबर में गिरफ़्तार किया गया था.

हेडली के ख़िलाफ़ दाखिल आरोपपत्र में मुंबई हमलों की साज़िश में शामिल होने की बात भी कही गई है.

हालाँकि डेविड हेडली ने अपने को इस मामले में निर्दोष कहा था.

गुरुवार को वॉशिंगटन में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान अमरीका के सहायक विदेश मंत्री फिलिप जे क्राउली ने एक सवाल के जवाब में कहा कि हेडली को भारत प्रत्यर्पित करने के मामले में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है.

हाल ही में भारत के गृह सचिव जीके पिल्लई ने कहा था कि भारत डेविड हेडली के प्रत्यर्पण की मांग करेगा.

'जल्दबाज़ी'

इस पर फिलिज जे क्राउली ने कहा, "भारत के साथ हमारी प्रत्यर्पण संधि है. लेकिन इस मामले में कैसे आगे बढ़ा जाए, इस पर कुछ कहना जल्दबाज़ी होगी."

डेविड हेडली के ख़िलाफ़ इसी सप्ताह आरोपपत्र दाखिल किया गया है. अमरीका की ख़ुफ़िया एजेंसी फ़ेडेरल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (एफ़बीआई) ने अक्तूबर को हेडली को गिरफ़्तार किया था.

हेडली पर भारत के साथ-साथ डेनमार्क में हमले की साज़िश रचने का आरोप है.

एफ़बीआई का दावा है कि मुंबई हमलों में भी डेविड हेडली की भूमिका थी और उन्होंने हमले से पहले मुंबई का दौरा भी किया था.

पिछले साल 26 नवंबर को मुंबई में हुए हमलों में 174 लोग मारे गए थे. इन हमलों में ताजमहल होटल से लेकर भीड़-भाड़ वाले छत्रपति शिवाजी टर्मिनस को भी निशाना बनाया गया था.

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