मायावती ने फिर पूर्वांचल बनाने की मांग उठाई

मायावती
Image caption मायावती ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश के विभाजन की माँग की है

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने एक बार फिर पूर्वांचल राज्य का मुद्दा उठाया है और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर पूर्वांचल राज्य बनाने की मांग की है.

उन्होंने ये माँग कर केंद्र सरकार को संकट में डालने की कोशिश की है. केंद्र की मनमोहन सिंह सरकार पृथक तेलंगाना राज्य का वादा कर संकट में फंस गई है क्योंकि कांग्रेस को आंध्र प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा है.

ग़ौरतलब है कि इसके दो दिन पहले ही मायावती ने उत्तर प्रदेश के विभाजन की माँग की थी.

उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त कैबिनेट सचिव विजय शंकर पांडेय ने पत्रकारों को बताया कि प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में उत्तर प्रदेश का पुनर्गठन कर अलग से पूर्वांचल राज्य गठित करने के लिए सहमति प्रदान करने का अनुरोध किया है.

उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि केंद्र सरकार से सहमति प्राप्त होने पर राज्य सरकार उत्तर प्रदेश की विधानसभा से अलग पूर्वांचल राज्य के गठन का प्रस्ताव पारित कराकर केंद्र सरकार को भेज देगी.

विभाजन की माँग

मायावती ने अपने पत्र में 15 मार्च, 2008 के उस पत्र का हवाला दिया है जिसमें उन्होंने उत्तर प्रदेश को पुनर्गठित कर अलग पूर्वाचल राज्य बनाने की बात कही थी और केंद्र सरकार से इस दिशा में कार्रवाई करने का अनुरोध किया था.

उल्लेखनीय है कि इसके पहले मायावती ने कहा था कि राज्य में से अलग हरित प्रदेश और बुंदेलखंड राज्य बनाया जा सकता है.

मायावती ने कहा था कि बहुजन समाज पार्टी छोटे राज्यों के गठन का समर्थन करती है.

लखनऊ में एक पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा था कि वो हम हरित प्रदेश बनाने का समर्थन करती हैं क्योंकि छोटे राज्यों में प्रशासन बेहतर तरीके से चलाया जा सकता है.

उनका कहना था कि अगर केंद्र सरकार हरित प्रदेश पर प्रस्ताव लाती है तो बसपा इसे अपना समर्थन देगी.

राष्ट्रीय लोक दल के अध्यक्ष अजीत सिंह पहले ही हरित प्रदेश के गठन की माँग को उठा चुके हैं.

उत्तर प्रदेश कांग्रेस के नेता प्रमोद तिवारी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मायावतीजी पूर्वांचल बनाने को लेकर गंभीर नहीं हैं और वो समस्याओं से लोगों का ध्यान बंटाना चाहती हैं.

ग़ौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही केंद्र सरकार ने अलग तेलंगाना राज्य के गठन की प्रक्रिया शुरु करने को मंज़ूरी दी थी जिसके बाद आंध्र प्रदेश में आंदोलन छिड़ गया है.

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