'राणा को पहले से पता था मुंबई हमलों का'

Image caption एफ़बीआई का कहना है कि राणा ने मुंबई के हमलावरों के लिए बधाई संदेश भी भेजा था.

अमरीकी संघीय जांच एजेंसी ने कहा है कि संदिग्ध आतंकवादी तहव्वुर हुसैन राणा को 26 नवंबर को मुंबई में हुए हमलों की पहले से जानकारी थी और हमले के बाद उन्होंने हमलावरों को मुबारकबाद भी दी.

कनाडा में रहनेवाले पाकिस्तानी मूल के व्यापारी तहव्वुर राणा पर अमरीकी नागरिक डेविड कोलमैन हेडली के साथ मिलकर डेनमार्क के उस अख़बार पर हमले का षडयंत्र रचने का आरोप है जिसने पैगंबर मोहम्मद का कार्टून छापा था.

एफ़बीआई ने शिकागो के संघीय अदालत में पेश दस्तावेज़ में कहा है कि राणा को 26 नवंबर के हमले का पहले ही पता चल गया था.

एफ़बीआई के वरिष्ठ वकील डेनियल कोलिंस ने अदालत में पेश दस्तावेज़ में लिखा है: ``राणा ने हमले के बाद इसके षडयंत्र में शामिल और इसे अंजाम देनेवाले लोगों के लिए मुबारकबाद भेजा था.’’

इस दस्तावेज़ में ये भी कहा गया है कि गुप्त रूप से रेकॉर्ड की गई बातचीत से पता चला है कि राणा और हेडली ने भारत के दूसरे जगहों पर हमले की संभावनाओं की भी बात की.

इसमें सोमनाथ मंदिर, बॉलीवूड, और शिवसेना पर हमले की भी बात की गई.

गिरफ़्तारी के बाद एफ़बीआई की पूछताछ के दौरान राणा ने कहा कि उन्हें मुंबई हमलों की कोई जानकारी नहीं थी और दूसरी जगहों की बात उन्होंने व्यापार के सिलसिले में की थी.

एफ़बीआई का कहना है कि ये झूठ है.

Image caption राणा के साथी डेविड हेडली पर मुंबई हमलों के षडयंत्र में शामिल होने का भी आरोप है.

एफ़बीआई ने राणा पर मुंबई हमलों के षडयंत्र में शामिल होने का आरोप नहीं लगाया है लेकिन उनका कहना है कि उन्हें ज़मानत पर नहीं रिहा किया जाना चाहिए क्योंकि अभी उनकी जांच चल रही है.

वहीं उनके सहयोगी डेविड हेडली पर मुंबई हमलों के षडयंत्र में शामिल होने का आरोप है.

राणा की ज़मानत की सुनवाई मंगलवार 15 दिसंबर को होनी है.

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