राणा की ज़मानत अर्ज़ी ख़ारिज

Image caption एफ़बीआई का कहना है कि राणा ने मुंबई के हमलावरों के लिए बधाई संदेश भी भेजा था.

अमरीका की एक अदालत ने मुंबई हमलों के साजिशकर्ताओं से कथित तौर पर संबंध रखने वाले और डेनमार्क के एक अख़बार के दफ़्तर पर हमले की योजना बनाने वाले तहव्वुर हुसैन राणा की ज़मानत अर्ज़ी ख़ारिज कर दी है.

अमरीकी संघीय जांच एजेंसी (एफ़बीआई) ने मंगलवार को ही कहा था कि संदिग्ध चरमपंथी तहव्वुर हुसैन राणा को 26 नवंबर को मुंबई में हुए हमलों की पहले से जानकारी थी और हमले के बाद उन्होंने हमलावरों को मुबारकबाद भी दी.

कनाडा में रहनेवाले पाकिस्तानी मूल के व्यापारी तहव्वुर राणा पर अमरीकी नागरिक डेविड कोलमैन हेडली उर्फ़ दाउद गिलानी के साथ मिलकर डेनमार्क के उस अख़बार पर हमले का षडयंत्र रचने का आरोप है जिसने पैगंबर मोहम्मद का कार्टून छापा था.

शिकागो की अदालत के जज नैन नोला ने कहा कि 48 वर्षीय तहव्वुर राणा ज़मानत देने के बाद अमरीका से भाग सकता है क्योंकि पास पर्याप्त वित्तीय संसाधन हैं.

एफ़बीआई के मुताबिक राणा डेनिश अख़बार जाइलैंड्स पोस्टन के दफ़्तर पर हमले के लिए ज़रूरी सामान मुहैया करा रहे थे. अभियोजन पक्ष ने कहा कि राणा ने हमले की योजना बनाने के लिए डेविड कोलमैन हेडली के साथ मिल कर साजिश रची और इस सिलसिले में हेडली की यात्राओं का प्रबंध किया.

मुंबई हमलों की पूर्व जानकारी रखने के बावजूद राणा पर इस सिलसिले में कोई मुक़दमा दर्ज नहीं किया गया है.

हालाँकि एफ़बीआई ने अपने आरोपपत्र में इस बात का ज़िक्र किया है कि मुंबई हमलों से कुछ दिन पहले ही वह मुंबई गए थे. वहां से उन्होंने दुबई के उड़ान भरी. हालांकि दुबई जाने से पहले उन्हें इस बात का पता चल चुका था कि मुंबई पर हमला होने वाला है.

भेजा मुबारकबाद

एफ़बीआई के वरिष्ठ वकील डेनियल कोलिंस ने अदालत में पेश दस्तावेज़ में लिखा है: ``राणा ने हमले के बाद इसके षडयंत्र में शामिल और इसे अंजाम देनेवाले लोगों के लिए मुबारकबाद भेजा था.’’

इस दस्तावेज़ में ये भी कहा गया है कि गुप्त रूप से रेकॉर्ड की गई बातचीत से पता चला है कि राणा और हेडली ने भारत के दूसरे जगहों पर हमले की संभावनाओं की भी बात की.

इसमें सोमनाथ मंदिर, बॉलीवूड, और शिवसेना पर हमले की भी बात की गई.

गिरफ़्तारी के बाद एफ़बीआई की पूछताछ के दौरान राणा ने कहा कि उन्हें मुंबई हमलों की कोई जानकारी नहीं थी और दूसरी जगहों की बात उन्होंने व्यापार के सिलसिले में की थी.

एफ़बीआई का कहना है कि ये झूठ है.

Image caption राणा के साथी डेविड हेडली पर मुंबई हमलों के षडयंत्र में शामिल होने का भी आरोप है.

एफ़बीआई ने राणा पर मुंबई हमलों के षडयंत्र में शामिल होने का आरोप नहीं लगाया है लेकिन उनका कहना है कि उन्हें ज़मानत पर नहीं रिहा किया जाना चाहिए क्योंकि अभी उनकी जांच चल रही है.

वहीं उनके सहयोगी डेविड हेडली पर मुंबई हमलों के षडयंत्र में शामिल होने का आरोप है.

राणा की ज़मानत की सुनवाई मंगलवार 15 दिसंबर को होनी है.

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