चिरंजीवी ने भी दिया इस्तीफ़ा

चिरंजीवी
Image caption चिरंजीवी की पार्टी पीआरपी के 17 में से 16 विधायक अलग तेलंगाना के खिलाफ़ इस्तीफ़ा दे चुके हैं.

आध्र प्रदेश का बंटवारा कर अलग तेलंगाना राज्य बनाए जाने के विरोध में अभिनेता और प्रजा राज्यम पार्टी (पीआरपी) के अध्यक्ष चिरंजीवी ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफ़ा दे दिया है.

इसकी घोषणा चिरंजीवी ने हैदराबाद में गुरुवार को आयोजित एक संवाददता सम्मेलन में की.

पीआरपी ने विधानसभा चुनाव में अलग तेलंगाना का समर्थन किया था.चिरंजीवी ने कहा कि पार्टी इस संबंध में अपनी नीतियों में बदलाव करेगी.

उन्होंने कहा कि पीआरपी अब अखंड आध्र प्रदेश के लिए काम करेगी क्योंकि जनता नहीं चाहती है कि आंध्र प्रदेश का विभाजन हो.

इस घटनाक्रम के बाद इस मुद्दे पर इस्तीफा देने वाले पीआरपी विधायकों की संख्या 16 हो गई है. विधानसभा में पीआरपी के 17 विधायक है.

हालांकि तेलंगाना इलाक़े से आने वाले पीआरपी विधायक महेश्वर रेड्डी ने अभी तक इस्तीफ़ा नहीं दिया है.

नीतियों में बदलाव

अलग तेलंगाना पर जारी विवाद के लिए चिरंजीवी ने कांग्रेस और उसके नेतृत्व को ज़िम्मेदार ठहराते हुए कहा कि फ़ैसला लेने से पहले न कोई बहस की गई और किसी से सलाह-मशविरा भी नहीं किया गया.

अलग तेलंगाना राज्य बनाने की प्रक्रिया शुरू करने के केंद्र सरकार के फ़ैसले का इतने बड़े पैमाने पर विरोध होने का अनुमान किसी भी पार्टी को नहीं था..

लेकिन अब इस मुद्दे पर अपनी नीतियाँ बदलने की सुगबुगाहट केवल पीआरपी ही नहीं बल्कि तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) और कांग्रेस में भी सुनाई दे रही है.

चिरंजीवी ने कहा कि राजनीतिक दलों को जनता की इच्छा के मुताबिक़ काम करना पड़ता है और जनता नहीं चाहती है कि आंध्र प्रदेश का बंटवारा हो.

उन्होंने माना कि तेलंगाना में पिछड़ापन है लेकिन इसका समाधान अलग राज्य बनाना नहीं है.उसकी समस्याओं का समाधान अखंड आंध्र प्रदेश ही कर सकता है.

अलग तेलंगाना राज्य के विरोध में चिरंजीवी ऐसे समय आए हैं जब उनके बेटे और भांजे की फ़िल्मों का बहिष्कार करना शुरू हो गया था और थिएटरों पर हमले हुए थे.

लोग यह जानना चाहते थे कि चिरंजीवी तेलंगाना के समर्थन में हैं या विरोध में लेकिन चिरंजीवी ने कहा कि फ़िल्म और राजनीति को आपस में न मिलाया जाए.

वहीं अब अलग तेलंगाना का विरोध दूसरे हफ़्ते में प्रवेश कर गया है.

गुरुवार को ग़ैर तेलंगाना इलाक़े के आंध्र, रॉयलसीमा, पूर्वी गोदावरी, क़ृष्णा, गुंटूर और अनंतपुर में लोगों ने ट्रेनें रोकीं, बाज़ार बंद कराए, छात्रों ने प्रदर्शन किया और नेता आमरण अनशन पर बैठे.

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