कसाब ने आरोपों को नकारा

कसाब
Image caption कसाब ने कहा है कि उन्हें हिरासत में प्रताड़ित भी किया गया.

मुंबई हमलों में एकमात्र ज़िंदा पकड़े जाने वाले हमलावर अजमल आमिर कसाब ने मुकदमे की सुनवाई के दौरान कहा कि पुलिस हिरासत में उनके हाथ पर गोली मारी गई थी.

विशेष जज एमएल तहिलयानी के ज़रिए पूछे गए सवालों के जवाब में कसाब ने कहा कि हमलों से 20 दिन पहले उन्हें पुलिस ने जूहू चौपाटी से गिरफ़्तार किया था.

कसाब ने कहा कि हिरासत के दौरान उनके हाथों को सुन्न कर दिया गया था और हाथों में गोली मार दी गई थी.

कसाब का ये बयान आपराधिक प्रक्रिया क़ानून के तहत रिकार्ड किया जा रहा है.

जज ने कसाब को अदालत में गवाहों के दिए गए बयानात के बारे में सवाल किए तो हर सवाल के जवाब में कसाब ने कहा कि ये बात झूठ है और वो हमले के दिन पुलिस हिरासत में थे.

जब जज ने टाइम्स ऑफ इंडिया के फोटोग्राफ़र सैबेस्टियन डिसूजा का हवाला देते हुए कहा कि डिसूजा ने उनकी तस्वीर 26 नवंबर को खींची थी तो कसाब ने कहा कि ये अख़बार सरकार का है और सब मिले हुए है.

जज ने स्पष्ट किया कि ये अख़बार सरकार का नहीं है.

जज तहिलयानी वीटी स्टेशन के बाद कामा अस्पताल का ज़िक्र करते हुए कहा कि नर्स ने कसाब को गोलियां चलाते हुए देखा तो कसाब ने कहा कि वो नर्स डरी हुई थी.

संयु्क्त पुलिस आयुक्त करकरे, सालस्कर और कामटे की हत्या के बारे में पूछे जाने पर कसाब ने कहा कि वो उस समय घटनास्थल पर मौजूद नहीं था.

कसाब का कहना है कि सभी गवाहों ने पुलिस के कहने पर झूठी गवाही दी है.

कसाब की गवाही अभी जारी रहेगी.

संबंधित समाचार