बांग्ला पर हुए एकजुट

बंगाली महिलाएं
Image caption बांग्लादेश में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लेती महिलाएं.

भारतीय राज्य पश्चिम बंगाल की विधानसभा ने एक सर्वदलीय प्रस्ताव पारित कर बांग्ला भाषा को संयुक्त राष्ट्र में आधिकारिक भाषा का दर्जा देने की बांग्लादेश की मांग का समर्थन किया है.

इसी वर्ष अप्रैल के महीने में बांग्लादेश की संसद ने एक प्रस्ताव पारित कर संयुक्त राष्ट्र से अपील की थी कि बांग्ला को संगठन में आधिकारिक भाषा का दर्जा दिया जाए.

इसके बाद सितंबर महीने में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के दौरान बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भी इसकी मांग रखी थी.

शेख हसीना ने कहा था, ‘‘ दुनिया भर में 25 करोड़ से अधिक लोग बांग्ला बोलते हैं. बांग्ला भाषा की विरासत को देखते हुए इसे संयुक्त राष्ट्र में आधिकारिक भाषा का दर्जा मिलना चाहिए.’’

संयुक्त राष्ट्र की छह आधिकारिक भाषाएं हैं अंग्रेज़ी, फ्रेंच, स्पैनिश, रुसी, चीनी और अरबी.

उल्लेखनीय है कि भारत की राजभाषा हिंदी भी इन भाषाओं में शामिल नहीं है. हालांकि पश्चिम बंगाल में बांग्ला बोली जाती है.

बांग्लादेश ने अपने कूटनीतिज्ञों के ज़रिए पश्चिम बंगाल की राज्य सरकार से आग्रह किया था कि वो बांग्ला भाषा को संयुक्त राष्ट्र में आधिकारिक दर्जा दिलाने के उनके प्रयासों को आगे बढ़ाने में मदद करें.

सोमवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा में सभी दलों ने मिलकर एक प्रस्ताव पारित किया और बांग्ला को संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक भाषा का दर्जा देने की बांग्लादेश की मांग का समर्थन किया.

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