वीज़ा नियम सख़्त करने पर विरोध

भारत का झंडा
Image caption अमरीका समते अनेक देशों में नए नियमों को विरोध किया है

भारत ने दीर्घकालिक अवधि के पर्यटक वीज़ा के नियम को सख़्त कर दिया है जिसके अनुसार पर्यटक भारत छोड़ने के दो महीने के भीतर वापस नहीं आ सकेंगे.

कुछ देशों ने नए नियमों की आलोचना की है.

अमरीका का कहना है कि इस नियम को असंगत रुप से लागू किया जा रहा है.

पुराने नियम के अनुसार दीर्घकालिक अवधि के वीज़ा पाने वालों को हर छह महीने पर देश छोड़ना पड़ा था. ऐसी शर्त के कारण लंबी अवधि के वीज़ा वाले पर्यटक कुछ समय के लिए किसी पड़ोसी देश में चले जाते थे और फिर वीज़ा लेकर कुछ ही दिनों में भारत आ जाते थे.

माना जा रहा है कि भारत ने ये क़दम वर्ष 2008 में मुंबई हमलों के मामले में अमरीका में एक व्यक्ति की गिरफ़्तारी के मद्देनज़र उठाया है.

ग़ौरतलब है कि पिछले महीने अमरीकी मूल के एक पाकिस्तानी नागरिक डेविड कोलमेन हेडली को अमरीकी जाँच एजेंसी एफ़बीआई ने गिरफ़्तार किया था.

जाँच एजेंसियों का दावा है कि मुंबई हमले से पहले और बाद में इस शख़्स ने भारत का कई बार दौरा किया और मुंबई हमलों के स्थानों की पहचान की.

अधिकारिक घोषणा बाक़ी

हालाँकि अधिकारिक रुप से नए नियम के बारे में अब भी भारत सरकार की ओर से ऐलान किया जाना बाक़ी है, लेकिन मंगलवार को गृह मंत्री पी चिदंबरम ने सख़्त नियमों की रुप रेखा तय की हैं.

दिल्ली में अमरीकी दूतावास ने अपने वेवसाइट पर लिखा है, "नया वीज़ा और पंजीकरण नियम असंगत रुप से लागू किया जा रहा है."

मंगलवार को ब्रितानी विजिटिंग सचिव लॉड मेंडेलसन ने इस मामले को पी चिदंबरम के सामने उठाया.

उनका कहना था, "मैं ऐसा करने के कारण को समझ सकता हूँ, लेकिन हमको ऐसा करते समय सावधान रहना चाहिए कि इससे आम मामलों में रुकावट नहीं आनी चाहिए."

मेंडेलसन का कहना था, ''मैं समझता हूँ कि बहुत सारे पर्यटकों के लिए दो महीने का अंतर काफ़ी अधिक है.''

दिल्ली में ब्रितानी उच्चायुक्त के प्रवक्ता का कहना है, "नए प्रस्ताव के बारे में पूरी स्पष्टता अब तक नहीं है कि ये कैसे लागू किया जा रहा है. हम समझते हैं कि भारत सरकार अपनी इस योजना पर दोबारा विचार करेगी."

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