'सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव हो'

चिदंबरम
Image caption चिदंबरम ने सुरक्षा व्यवस्था में आमूलचूल बदलाव का पक्ष लिया है.

केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि रोज़ बढ रहे खतरों को देखते हुए देश की पूरी सुरक्षा व्यवस्था के नए सिरे से पुनर्गठन करने की ज़रुरत है.

चरमपंथी घटनाओं से निपटने के लिए उन्होंने 2010 के अंत तक राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक केंद्र बनाने का प्रस्ताव रखा है.साथ ही गृह मंत्रालय को बाकी दूसरी ज़िम्मेदारियों से मुक्त कर केवल देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मामलो की देख रेख करनी चाहिए.

दिल्ली में केंद्रीय खुफिया विभाग के एक समारोह में उन्होंने ये बात कही.

उनके सुझावों में सबसे प्रमुख है एक राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक केंद्र का गठन.

उन्होंने कहा कि जैसा कि नाम से ही ज़ाहिर है इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य होगा आतंकवाद से लड़ाई करना.

गृहमंत्री ने कहा कि 9/11 की घटना के 36 महीने बाद अमरीका ऐसा संगठन बना पाया था लेकिन भारत 36 महीने इंतज़ार नही कर सकता और 2010 के अंत तक भारत को एक राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक केंद्र स्थापित कर लेना चाहिए.

पूर्वोत्तर के अलगाववादी ,मध्य भारत के माओवादी या फिर धार्मिक कट्टरपंथी हो इस प्रस्तावित केंद्र को उन सभी से लड़ना है.

गृहमंत्री ने कहा कि इस समय देश की सुरक्षा से जुड़े मामले में अलग अलग मंत्रालय के कई विभाग काम करते हैं और ज्यादातर विभागों की अपनी खुफिया एजेंसिया भी हैं लेकिन अब ज़रूरत इस बात की है कि वो सारी एजेंसियां मिलकर काम करें.

लिहाज़ा वो सारी एजेंसियां या तो इस प्रस्तावित केंद्र के अंदर काम करें या कम से कम हर संस्था का एक प्रतिनिधि इसमें शामिल होगा. साल के शुरू में गठित राष्ट्रीय जांच एजेंसी भी इसी के अंदर काम करेगी. इसी क्रम में केंद्र सरकार ने एक नेशनल इंटेलिजेंस ग्रीड बनाने का फ़ैसला किया है जिसके ज़रिए खुफ़िया और प्रवर्तन एजेंसिया सूचना का आदन प्रदान कर सकेंगी.

लेकिन गृहमंत्री ने जो सबसे अहम सुझाव दिए वो है ख़ुद गृह मंत्रालय का पुनर्गठन.

उन्होंने कहा कि आज गृह मंत्रालय स्वतंत्रता सेनानियों से लेकर फ़ोरेंसिक साइंस तक के विषयों को देखता है लेकिन आंतरिक सुरक्षा के सामने जो ख़तरे हैं उनको देखते हुए ये व्यवस्था सही नही है. इसलिए उन्होंने सुझाव दिया कि जो विषय आंतरिक सुरक्षा से सीधे तौर पर नहीं जुड़े हैं गृह मंत्रालय को उनसे मुक्त किया जाए.

उनका कहना था कि गृहमंत्री को अपना सारा समय आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मामले में लगाना चाहिए.

गृहमंत्री ने अमरीका में गिरफ़्तार डेविड कोलमैन हेडली का ज़िक्र करते हुए कहा कि देश में वीज़ा जारी करने के तरीक़े में भी कई कमियां हैं और उसको ठीक करने के लिए उन्होंने एक नए प्रोजेक्ट के गठन की घोषणा की. गृहमंत्री ने राज्य सरकारों से और अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती के अलावा ज़िले तथा राज्य स्तर पर चौबीस घंटे काम करने वाले पुलिस नियंत्रण कक्ष स्थापित करने की भी अपील की.

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