उड़ीसा में माओवादी हिंसा

नक्सली
Image caption केंद्र सरकार माओवादियों के ख़िलाफ़ बड़ा अभियान चलाने की योजना बना रहा है

उड़ीसा में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (माओवादी) के एक हफ़्ते के बंद के शुरु होने से पहले रविवार रात मलकानगिरी और कुछ अन्य जगह हिंसक घटनाएँ हुई हैं.

रविवार को बिहार के औरंगाबाद ज़िले में संदिग्ध माओवादी विद्रोहियों ने एक सरकारी स्कूल की इमारत में विस्फोट लगाकर उड़ा दिया था.

भुवनेश्वर स्थित स्थानीय पत्रकार संदीप साहू के मुताबिक रविवार रात मलकानगिरी में मोबाइल के टावर को निशाना बनाया गया और धमाके से ध्वस्त कर दिया गया.

रविवार को ही भुवनेश्वर – रायगढ़ा राजमार्ग पर जा रही चार बसों को माओवादियों ने घेर लिया और यात्रियों से बसों से उतर जाने के लिए कहा. इसके बाद बसों को आग लगा दी गई.

उड़ीसा की पुलिस ने रविवार को राज्य में हुई इन दोनों घटनाओं के लिए माओवादियों को दोषी ठहराया है.

ग़ौरतलब है कि सोमवार से उड़ीसा में सीपीआई (माओवादी) का एक हफ़्ते का बंद शुरु हुआ है.

इस बंद का आहवान माओवादियों ने उनके विरुद्ध तैनात की गई सुरक्षाकर्मियों की कोबरा बटालियन की वापसी और जनजातियों के सदस्यों के ख़िलाफ़ पुलिस फ़ायरिंग की एक घटना के कारण किया है.

दो सौ माओवादियों ने घेरा

उधर बिहार के औरंगाबाद ज़िले में रविवार को दो सौ से अधिक विद्रोहियों ने एक सरकारी स्कूल की इमारत को घेर लिया और फिर धमाके से उड़ा दिया.

माओवादी आरोप लगाते हैं कि सुरक्षाकर्मियों ने कई स्कूलों को छावनियों में तबदील कर दिया है और इसीलिए वे स्कूलों की इमारतों को निशाना बना रहे हैं.

पिछले साल झारखंड और बिहार में माओवादियों ने 40 स्कूलों की इमारतों को निशाना बनाया है. स्वयंसेवी संगठनों का कहना है कि इस कारण से हज़ारों स्कूली बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है.

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