सीआरपीएफ़ के चार जवानों की मौत

सीमा पर तैनात एक सैनिक
Image caption हाल ही में सोपोर इलाक़े में चरमपंथी हमलों की तीन घटनाएँ हो चुकी हैं

भारत प्रशासित कश्मीर में संदिग्ध चरमपंथियों के हमले में केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ़) के चार जवानों की मौत हो गई है.

अधिकारियों का कहना है कि कश्मीर के सोपोर इलाक़े के वारपोरा में जब सीआरपीएफ़ के जवान गश्त पर थे तो उन पर हमला हुआ.

दो जवानों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई जबकि शेष दो की मौत अस्पताल ले जाते समय हुई.

सेब के उत्पादन के लिए मशहूर सोपोर के आसपास पिछले दो हफ़्तों में यह तीसरा चरमपंथी हमला है.

हालांकि पिछले कुछ वर्षों में चरमपंथी घटनाओं में काफ़ी कमी आई है लेकिन इस दौरान भी छिटपुट घटनाएँ होती रही हैं.

कुछ पुलिस अधिकारियों और अर्धसैनिक बलों के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें आशंका है कि घाटी के कई इलाक़ों में चरमपंथी संगठन फिर से संगठित हो रहे हैं.

उनका कहना है कि वैसे तो सुरक्षा बलों ने नियंत्रण रेखा के पार से घुसपैठ की कई कोशिशें नाकाम की हैं लेकिन फिर भी सैकड़ों चरमपंथी सीमापार से इस ओर घुसने में सफल हुए हैं.

हाल ही में भारत की ओर से पाकिस्तान पर आरोप लगाए हैं कि जम्मू इलाक़े में उसके सैनिक सीमापार से गोलीबारी कर रहे हैं और यह दोनों देशों के बीच युद्धविराम का उल्लंघन है जो उन्होंने पाँच साल पहले शुरु किया था.

दोनों देशों के बीच शांति वार्ता पिछले साल मुंबई में हुए चरमपंथी हमलों के बाद से स्थगित है. भारत का कहना है कि जब तक पाकिस्तान चरमपंथी गतिविधियों पर रोक नहीं लगाता है, तब तक चर्चा फिर से शुरु नहीं हो सकती.

जबकि पाकिस्तान का कहना है कि भारत ने शर्म-अल-शेख़ में कहा था कि वह वार्ताओं को चरमपंथ से अलग करेगा, लेकिन वह अपने वादे से मुकर रहा है.

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