बलात्कार मामले पर दौसा बंद

किरोड़ीलाल मीणा
Image caption किरोड़ीलाल मीणा को रिहा कर दिया गया है

राजस्थान में बलात्कार के 13 साल पुराने एक मामले में सरकार से तकरार के बाद गिरफ़्तार किए गए दौसा के सांसद किरोड़ीलाल मीणा को रिहा कर दिया गया है.

लेकिन उनके समर्थकों ने गुरुवार को दौसा बंद का आयोजन कर रखा है. इसे देखते हुए दौसा और आसपास के इलाक़ों में कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए है.

उधर सरकार ने बलात्कार के इस मामले में फरार चल रहे बर्ख़ास्त पुलिस महानिरीक्षक मधुकर टंडन को गिरफ़्तार करने का आदेश दिया है.

इसके लिए पुलिस के विशेष कार्रवाई समूह को जिम्मा सौंपा गया है. मधुकर टंडन पर आरोप है कि उन्होंने वर्ष 1997 में अपने अर्दली की पत्नी के साथ दिल्ली के निकट नोएडा के मकान में बलात्कार और यौन शोषण किया.

बाद में पुलिस ने टंडन के ख़िलाफ़ दौसा की एक अदालत में अभियोग तो दाखिल कर दिया लेकिन टंडन को गिरफ़्तार करना ही भूल गई.

पीड़ित महिला दौसा की आदिवासी मीणा समाज की है. दो दिन पहले सांसद मीणा पीड़िता को लेकर जयपुर आए तो मुख्यमंत्री से मुलाक़ात को लेकर उनका सरकार से विवाद हो गया.

'गंभीर मामला'

इस पर मीणा मुख्यमंत्री निवास के निकट धरने पर बैठ गए. बाद में उन्हें निवारक उपायों के तहत गिरफ़्तार कर लिया गया. अब मीणा को रिहा कर दिया गया है.

गृह मंत्री शांति धारीवाल ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि पुलिस को साफ़ साफ़ कहा गया कि टंडन को गिरफ़्तार करे.

उन्होंने बताया, "'हमने इसे बहुत ही गंभीरता से लिया है. टंडन की गिरफ़्तारी में इतनी देरी होना एक गंभीर मामला है. पीड़िता को न्याय मिले, इसे सुनिश्चित करने को कहा गया है."

सरकार ने एक जर्मन महिला के साथ बलात्कार की घटना में सज़ा मिलने के बाद फ़रार चल रहे उड़ीसा के पूर्व पुलिस महानिदेशक बीबी मोहंती के पुत्र बीटी मोहंती को खोजने के लिए भी विशेष कार्रवाई समूह को निर्देश दिया है.

वर्ष 2006 में अलवर की एक फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट ने मोहंती को जर्मन महिला के साथ बलात्कार में दोषी पाए जाने पर सज़ा देकर जेल भेज दिया था. लेकिन सज़ा के दौरान ही मोहंती पेरोल पर रिहा हुआ और लौट कर नहीं आया.

राज्य के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक केएल बैरवा ने बीबीसी से कहा कि टंडन को राज्य सरकार की सिफ़ारिश पर वर्ष 2003 में नैतिक दुराचरण के आरोप में बर्ख़ास्त किया जा चुका है.

उन्होंने कहा कि टंडन अब पुलिस के लिए एक वांछित भगोड़ा हैं, जिन्हें खोजने के लिए टीमें भेजी गई हैं.

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