उत्तर भारत में ठंड से 154 मौतें

शीतलहर
Image caption पिछले हफ़्ते उत्तर भारत में कोहरे की वजह से यातायात प्रभावित हुआ था और उत्तर प्रदेश में दो रेल दुर्घटनाएँ हुई थीं

उत्तर भारत में शीत लहर से अब तक 154 लोगों की मौतें हो चुकी हैं.

ठंड का सबसे बुरा असर उत्तर प्रदेश में हुआ है जहाँ अकेले सोमवार की रात 31 लोगों की मौतें हुई हैं.

हालांकि मंगलवार को सूरज निकला और पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में तापमान कुछ बढ़ा लेकिन ठिठुरन बनी रही.

दो दिन बंद रहने के बाद जम्मू से कश्मीर को जोड़ने वाली एक मात्र सड़क में मंगलवार को यातायात फिर शुरु हुआ.

उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार में सोमवार की रात पाँच लोगों की मौत की ख़बरें हैं.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से मौत की जो ख़बरें मिली हैं, उनमें देवरिया और महाराजगंज में पाँच-पाँच लोगों की मौत हुई है जबकि सिद्धार्थनगर और भदोई से चार-चार, प्रतापगढ़, कुशीनगर, बस्ती, जौनपुर और ग़ाज़ीपुर में दो-दो और लखनऊ और मुज़फ़्फ़रनगर में एक-एक मौत हुई है.

अधिकारियों के अनुसार इन मौतों के साथ इस बार ठंड से उत्तर प्रदेश में मरने वालों की संख्या 141 हो गई है.

इस बीच जम्मू और कश्मीर में रात के तापमान में कुछ बढ़ोत्तरी हुई है लेकिन लद्दाख के लेह में तापमान शून्य से 18 डिग्री नीचे और करगिल में शून्य से 16 डिग्री नीचे दर्ज किया गया.

राजधानी दिल्ली में सोमवार को मौसम का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया था, जब पारा 14 डिग्री तक जा पहुँचा था, जो सामान्य से आठ डिग्री कम था.

लेकिन मंगलवार को सूरज निकलने से तापमान में थोड़ी बढ़ोत्तरी हुई और सर्द हवाओं का ज़ोर कम पड़ा है.

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