ज्योति बसु की स्थिति अभी भी गंभीर

ज्योति बसु
Image caption पार्टी के निर्णय के बाद ज्योति बसु ने प्रधानमंत्री बनने का अवसर छोड़ दिया था

जानेमाने मार्क्सवादी नेता और पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री ज्योति बसु की हालत अभी भी काफ़ी गंभीर बनी हुई है.

बृहस्पतिवार की सुबह डॉक्टरों ने बताया कि बुधवार की शाम कुछ सुधार नज़र आया था लेकिन बृहस्पतिवार को कोई सुधार नहीं दिखा है.

उन्हें अभी भी वेंटीलेटर या जीवनरक्षक मशीन का सहारा दिया जा रहा है.

डॉक्टरों ने बताया कि उनके रक्तचाप में काफ़ी उतार चढ़ाव दिख रहा है और अभी उन्हें वही दवा दी जा रही है जो शुरूआत में दी गई थी.

भोजन में उन्हें नली के जरिए तरल पदार्थ दिए जा रहे हैं.

बसु, जिनकी उम्र 96 की हो चुकी है, शुक्रवार को निमोनिया के लक्षणों के साथ अस्पताल में दाखिल करवाए गए थे और उन्हें गहन चिकित्सा कक्ष में रखा गया है.

उनकी स्थिति की जांच के लिए एक ख़ास मेडिकल बोर्ड का भी गठन किया गया है.

बड़े नेता

ज्योति बसु वर्तमान भारतीय राजनीति के बड़े व्यक्तित्वों में से एक हैं.

उनके पास 1996 में एक बार प्रधानमंत्री बनने का अवसर आया था लेकिन पार्टी के निर्णय के अनुसार उन्होंने इनकार कर दिया था.

वे पश्चिम बंगाल में वाममोर्चा सरकार में लगातार 23 साल तक मुख्यमंत्री के रुप में काम करते रहे.

उनके ही कार्यकाल में पश्चिम बंगाल में भूमि सुधार जैसा महत्वपूर्ण कार्य हुआ.

हालांकि ट्रेड यूनियनों और हड़ताल पर लगाम न लगा पाने को उनकी कमज़ोरी की तरह भी देखा जाता है.