एनडी तिवारी को नोटिस जारी

नारायण दत्त तिवारी
Image caption नारायण दत्त तिवारी ने हाल ही में आंध्र के राज्यपाल पद से इस्तीफ़ा दिया है

वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और पूर्व राज्यपाल नारायण दत्त तिवारी को अपना पिता बताने वाले युवक की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने नोटिस जारी करते हुए उनसे नौ फ़रवरी तक जवाब देने को कहा है.

तीस साल के रोहित शेखर नाम के युवक ने दावा किया है कि नारायण दत्त तिवारी उसके पिता हैं.

पिछले साल नवम्बर में रोहित शेखर की याचिका इसलिए ख़ारिज हो गयी थी क्योंकि अदालत का कहना था कि चूंकि तिवारी आंध्र प्रदेश के राज्यपाल हैं और हैदराबाद में रहते हैं इसलिए इस याचिका की सुनवाई दिल्ली में नहीं हो सकती.

तब अदालत ने 84 साल के तिवारी की याचिका को स्वीकार किया था कि वो रोहित शेखर की याचिका को ख़ारिज कर दे.

उन्होंने कहा था कि ये पूरा मामला उन्हें बदनाम करने के लिए उछाला गया है.

स्थाई निवास दिल्ली

बाद में रोहित शेखर ने एकल जज के बेंच के याचिका ख़ारिज करने के फैसले को तीन जजों की बेंच के सामने ये कहकर चुनौती दी कि नारायण दत्त तिवारी दिल्ली के स्थायी निवासी हैं और इसलिए उनके ख़िलाफ़ किसी भी मामले की सुनवाई दिल्ली में हो सकती है.

रोहित शेखर ने अपनी याचिका में कहा है कि नारायण दत्त तिवारी के उनकी माँ के साथ गहरे ताल्लुक़ात रहे थे और उन्होंने उनकी माँ से वादा किया था कि वो उनसे शादी करेंगे लेकिन वो अपने वादे से मुकर गए.

रोहित शेखर का दावा है कि वो अपनी माँ, उज्ज्वला शर्मा और नारायण दत्त तिवारी के क़रीबी रिश्ते के परिणाम हैं लेकिन नारायण दत्त तिवारी ने हमेशा ही इसका खंडन किया है.

नारायण दत्त तिवारी हाल तक आंध्र प्रदेश के राज्यपाल थे, लेकिन उन्हें एक वीडियो टेप के विवाद की वजह से इस्तीफ़ा देना पड़ा है.

इस टेप में एक वृद्ध व्यक्ति को तीन महिलाओं के साथ आपत्तिजनक अवस्था में दिखाया गया था. टेलीविज़न चैनल ने दावा किया था कि वो व्यक्ति तिवारी हैं.

नारायण दत्त तिवारी ने इस पूरे मामले को आधारहीन और अपने खिलाफ़ साजिश बताया था लेकिन उन्होंने राज्यपाल के पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.

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