'अमर सिंह का इस्तीफ़ा मंज़ूर नहीं'

अमर सिंह
Image caption बुधवार को अमर सिंह ने महासचिव पद और संसदीय बोर्ड से इस्तीफ़ा दे दिया था

समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने कहा है कि पार्टी महासचिव अमर सिंह का इस्तीफ़ा मंज़ूर नहीं किया गया है और सबकुछ ठीक हो जाएगा.

अमर सिंह ने बुधवार को पार्टी के तीन पदों से यह कहते हुए इस्तीफ़ा दे दिया था कि अब वो अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखना चाहते हैं लेकिन ये आम धारणा है कि अमर सिंह पार्टी में अपने घटते हुए कद से नाराज़ थे.

मुलायम सिंह मार्क्सवादी नेता ज्योति बसु से मिलने कोलकाता के एक अस्पताल गए थे और लौटते हुए रविवार की सुबह संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘‘ मैंने अभी तक अमर सिंह का इस्तीफ़ा मंज़ूर नहीं किया है. हमारे और उनके गहरे संबंध हैं. सब ठीक हो जाएगा और पटरी पर आ जाएगा.’’

उल्लेखनीय है कि शनिवार को अमर सिंह के कहने पर समाजवादी पार्टी में शामिल हुए बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त ने भी पार्टी महासचिव पद से इस्तीफ़ा दे दिया था और अफवाह है कि आने वाले दिनों में सपा से जुड़ी कई फ़िल्मी हस्तियां पार्टी छोड़ सकती हैं.

क्या होगा पार्टी का

Image caption मुलयाम सिंह का कहना है कि मामले को सुलझा लिया जाएगा

समाजवादी पार्टी में अमर सिंह बनाम अन्य की लड़ाई इतनी आगे बढ़ गई है कि शायद अब पार्टी अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव भी सुलह-सफ़ाई का रास्ता नहीं निकल पाएं.

पार्टी नेतृत्व को चिंता है कि इस कलह का लाभ उत्तर प्रदेश के अगले विधान सभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी उठा सकती है. राज्य के मौजूदा विधानसभा की अवधि 2012 में समाप्त हो रही है.

मुलायम सिंह के चचेरे भाई और पार्टी के महासचिव राम गोपाल यादव का कहना है कि अमर सिंह को नहीं मनाया जाएगा.

इस बाबत राज्य के पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी कहते हैं, "रामगोपाल जी ने जो बात कही है वह आम कार्यकर्ताओं की भावनाओं का ही प्रकटीकरण है."

'अमर मुक्ति का समय'

टीकाकारों की राय में अमर सिंह ने मुलायम सिंह यादव परिवार पर हमला कर उनके मर्म पर चोट की है और आम कार्यकर्ता यह मानकर चल रहे हैं कि राम गोपाल यादव ने यह बयान सोच समझकर दिया है और अब अमर सिंह से मुक्ति का समय आ गया है.

हालाँकि समाजवादी पार्टी के उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष अखिलेश यादव अमर सिंह के बारे में कोई सख़्त बयान देने से परहेज कर रहे हैं.

अखिलेश कहते हैं, "अमर सिंह अंकल जब विदेश से वापस आ जाएंगे तब मैं और नेता जी (मुलायम सिंह यादव) उनसे मिलेंगे. आमने-सामने की बात से ही कोई रास्ता निकल सकता है."

अधिकतर पर्यवेक्षकों की राय है कि अमर सिंह के बाद अब संजय दत्त के बयान से समाजवादी पार्टी और उसके नेता मुलायम सिंह को तगड़ा झटका लगा है. इसीलिए राम गोपाल यादव ने भी संजय दत्त की तारीफ़ की है और उनके इस्तीफे पर दुख प्रकट किया है.

मगर ऐसा लगता है कि अंदर से समाजवादी पार्टी का नेतृत्व अमर सिंह और उनके बंबइया साथियों से मुक्ति चाहता हैं क्योंकि उनके कारण पार्टी का आम कार्यकर्ता घुटन और ग्रामीण समर्थक समुदाय अलग-थलग महसूस कर रहा है.

ऐसा भी माना जाता है कि पार्टी में दूसरी पंक्ति के नेता जैसे रेवती रमण सिंह, वीरेंद्र भाटिया, मोहन सिंह, शतरुद्र प्रकाश वग़ैरह भी दबाव बना रहे हैं कि अब अमर सिंह पार्टी से चले जाएं तो ही ठीक है. ये पार्टी नेता उन्हें बोझ मानते हैं.

पर अमर सिंह भी समाजवादी पार्टी से जुडे रहना नहीं चाहते हैं. वो अब पार्टी में रहना फ़ायदे का सौदा नहीं मानते हैं क्योंकि दिल्ली में कांग्रेस और उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी की सरकारें हैं.

फ़िलहाल कानपुर में अमर सिंह पर आर्थिक अपराध के कुछ मुक़दमे भी क़ायम हुए हैं, जिनकी जांच उत्तर प्रदेश और केंद्र की एजेंसियाँ कर रही हैं, ऐसे में समाजवादी पार्टी में रहना उनके लिए कोई मजबूरी नहीं है.

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