बांग्लादेश को ज़्यादा निर्यात की अनुमति

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना की भारत यात्रा के दौरान कई अहम आर्थिक मुद्दों पर सहमति बनी है.

भारतीय विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया है कि अब बांग्लादेश पहले के मुकाबले ज़्यादा चीज़ें भारत को निर्यात कर पाएगा.

भारत का कहना है कि जिन 101 वस्तुओं की सूची व्यापार की नकारात्मक श्रेणी में आती थीं उनमें से 47 वस्तुओं को इस सूची से निकाला जा रहा है.

यानि दक्षिण एशिया के देश अब भारत को इन वस्तुओं का निर्यात कर सकेंगे.

इसका फायदा सबसे ज़्यादा बांग्लादेश को होने की आशा है क्योंकि इस सूची में एसी वस्तुएं है जिनका व्यापार बांग्लादेश करता है.इस सूची में बांग्लादेश के हितों को ध्यान में रखा गया है.

इस बारे में वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा, “हम चाहते हैं कि बांग्लादेश से ज़्यादा से ज़्यादा सामान भारत आए. जितना ज़्यादा व्यापार बढ़ेगा उतना ही अच्छा होगा.”

प्रणब मुखर्जी से उनके पुराने पारिवारिक संबंध भी रहे हैं. दोनों नेताओं ने आर्थिक सहयोग के क्षेत्र में और सहयोग बढ़ाने पर बात की है. प्रणब मुखर्जी ने शेख हसीना की यात्रा को एतिहासिक बताया.

'भारत पुराना दोस्त'

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री बनने के बाद ये शेख हसीना की पहली भारत यात्रा है जिसमें वो देश के सर्वोच्च नेतृत्व के साथ मुलाक़ात कर रही है.सोमवार को उन्होंने भारत की राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से भी मुलाकात की.

मुलाक़ात से पहले पत्रकारों से बातचीत में शेख हसीना ने कहा, “मै यहां अपने देश के लोगों की शुभकामनाएं ले कर आई हूं.भारत हमारा पुराना दोस्त है और हमारे मु्क्ति आंदोलन में हमारे लोगों की न केवल मदद की बल्कि हमारे संघर्ष में भी हमारा साथ दिया. इस उपमहाद्वीप में और खासकर दक्षिण एशिया में हम दोस्ती और सहयोग चाहते है ताकि अपने सबसे बड़े दुश्मन ग़रीबी का सामना कर सकें. हम ग़रीबी मुक्त शांतिपूर्ण दक्षिण एशिया की चाहत रखते है. मेरी यात्रा का मुख्य उद्देश्य लोगों की भलाई है.”

भारत का कहना है कि बांग्लादेश के आर्थिक विकास में भारत एक महत्वपूर्ण सहयोगी बनना चाहता है.

भारत रेलवे के ढाँचे में सुधार, परिवहन, बिजली क्षेत्र में दोनो देशों के बीच संपर्क बढ़ाने, मानव संसाधन विकास, निवेश और व्यापार सभी में सहयोग बढ़ाने का इच्छुक है.

भारत बांग्लादेश को नेपाल और भूटान में सामान लाने ले जाने के लिए ट्रांसिट सुविधा दे रहा है.

विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने कहा है कि सुरक्षा संबंधों पर शेख हसीना के साथ व्यापक बातचीत हुई है.

उन्होंने कहा,"हमारे रिश्ते सकारात्मक रहे हैं और शेख हसीना के दूसरे कार्यकाल की पहली यात्रा में दोनो देशों के रिश्ते खुशनुमा बने हुए है.हमने उनका स्वागत किया और क्षेत्र के विकास संबंधी मामलों- जैसे आतंकवाद , आर्थिक सहयोग और साझा समस्याओं की चर्चा की.’’

आपसी सहयोग

दोनों देशों के बीच पांच समझौतों पर हस्ताक्षर होने हैं जिनमें आपराधिक मामलों में आपसी क़ानूनी सहायता, दोषी लोगों को एक-दूसरे के यहाँ भेजना, अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद, संगठित अपराध और मादक द्रव्यों की तस्करी से निपटने के लिए सहयोग, बिजली के क्षेत्र में सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान शामिल है.

शेख हसीना सरकार के साथ भारत के रिश्ते मधुर हैं. उल्फा नेताओं तथा अन्य प्रतिबंधित गुटों के नेतृत्व और संगठनों के बांग्लादेश के इस्तेमाल पर रोक लगाने पर भी अवामी लीग सरकार सहयोग दे रही है.

अपनी यात्रा के पहले बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा कि भारत से जितने भी मतभेद हैं उन्हें दूर करने की कोशिश वो करेंगी.

उन्होंने कहा कि साझा नदियों के जल के बटवारे में सही हिस्सेदारी पर बातचीत होगी. इममें तीसता नदी के जल के बटवारे पर चर्चा भी शामिल है.

हालांकि विश्लेषकों का कहना है कि नदी जल बटवारे को भारत साझा वक्तव्य में शामिल करने के हक में नहीं है और उस पर अब भी चर्चा जारी है.

सोमवार शाम को शेख हसीना ने भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की और प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत भी की.

बंग्लादेश की प्रधानमंत्री ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज से भी मुलाकात की है .और उनके सम्मान में रात्री भोज का भी आयोजन है. मंगलवार को उन्हें इंदिरा गांधी शांति पुरुस्कार से नवाज़ा जाएगा.

शेख हसीना का भारत से पुराना रिश्ता रहा है और 1976 से 1981 तक वे दिल्ली में ही रही थी.

संबंधित समाचार