'आठवीं अनुसूची में शामिल हो भोजपुरी'

मीरा कुमार
Image caption मीरा कुमार ने सम्मेलन का उदघाटन किया

दिल्ली में आयोजित विश्व भोजपुरी सम्मेलन में भोजपुरी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की ज़ोर-शोर से मांग हुई.

सोमवार को दो दिवसीय यह सम्मेलन संपन्न हो गया. इसका आयोजन पूर्वांचल एकता मंच ने किया था.

देश-विदेश से आए लाखों लोगो ने इस सम्मेलन के माध्यम से भोजपुरी के समर्थन में आवाज़ बुलंद की.

इस सम्मेलन का उदघाटन लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने किया और अपने भाषण में उन्होंने भोजपुरी की महिमा का बखान किया.

मांग

उन्होंने कहा, "भोजपुरी केवल भाषा नहीं, दर्शन भी है. इसमें मैं नहीं होता बल्कि हम होता है जो सामूहिकता का बोध कराता है. भोजपुरी एक परिष्कृत जीवन शैली भी है."

इस अवसर पर पूर्वांचल एकता मंच के अध्यक्ष शिवजी सिंह ने भोजपुरी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की माँग की.

उन्होंने कहा, "पूरे विश्व में भोजपुरी बोलने वालों की संख्या बीस करोड़ से भी अधिक है, लेकिन अपने देश में ही भोजपुरी को उसका उचित सम्मान नहीं मिल रहा है."

सम्मेलन में आए वरिष्ठ सांसद रविशंकर प्रसाद और प्रभुनाथ सिंह ने भी इस मांग का समर्थन किया.

Image caption शत्रुघ्न सिन्हा को सम्मानित किया गया

इस सम्मेलन में लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को भोजपुरी गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया. मीरा कुमार के अलावा शत्रुघ्न सिन्हा और महुआ टीवी के कर्ता-धर्ता पीके तिवारी को भोजपुरी गौरव सम्मान मिला.

लोकगायिका मालिनी अवस्थी को भिखारी ठाकुर सम्मान और कुलदीप श्रीवास्तव को भोजपुरी पत्रकारिता सम्मान दिया गया.

विश्व भोजपुरी सम्मेलन में कई जाने-माने लोगों ने हिस्सा लिया. इनमें प्रमुख थे-फ़िल्म अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा, मनोज तिवारी, सांसद रघवुंश प्रसाद सिंह, राजीव प्रताप रूड़ी, महाबल मिश्रा और मॉरिशस से आईं साहित्यकार सरिता बुद्धू.

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