पवार के बयान से भाजपा नाराज़

शरद पवार
Image caption शरद पवार के बयान से यूपीए सरकार के ख़िलाफ़ हमले शुरु हो गए हैं

भारतीय जनता पार्टी ने केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार के बयान को 'ग़ैर ज़िम्मेदाराना' क़रार दिया है और कहा है कि अगर वे महंगाई कम नहीं कर सकते तो उन्हें इस्तीफ़ा दे देना चाहिए.

पार्टी ने महंगाई के ख़िलाफ़ 18 से 20 जनवरी के बीच ज़िला और तालुका स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है. पार्टी की योजना है कि फ़रवरी में राज्यों की राजधानियों में विरोध प्रदर्शन किए जाएँगे.

शरद पवार ने सोमवार को चीनी के दाम से जुड़े एक सवाल के जवाब में कहा था, "मैं कोई ज्योतिषि नहीं हूँ कि बता सकूँ कि दाम कब कम होंगे."

इस बीच मंगलवार को क़ीमतों पर केंद्रीय मंत्रिमंडल की समिति की बैठक होने जा रही है. संभावना है कि शरद पवार के इस बयान पर भी इस समिति में चर्चा हो.

इस्तीफ़े की मांग

भाजपा के प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, "शरद पवार यह कह सकते हैं कि महंगाई और बढ़ेगी लेकिन जब क़ीमतें कम करने की बात होती है तो वे अपने आपको असहाय बताते हैं."

उन्होंने शरद पवार से इस्तीफ़े की मांग करते हुए कहा, "हम उन्हें याद दिलाना चाहते हैं कि केंद्रीय मंत्री के रुप में यह उनकी ज़िम्मेदारी है कि वे देश को बताएं कि महंगाई कब कम होगी, न कि वे यह कहें कि वे असहाय हैं."

भाजपा के दूसरे प्रवक्ता राजीव प्रताप रूडी ने कृषि मंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि इस बयान से यूपीए सरकार की असंवेदनशीलता ज़ाहिर होती है.

उन्होंने कहा, "सरकार अपनी विश्वसनीयता खो चुकी है और वह मुद्दे को और उलझाने की कोशिश कर रही है."

विरोध प्रदर्शन

Image caption सभी बड़े नेता भाग लेंगे विरोध प्रदर्शन में

प्रकाश जावड़ेकर ने पत्रकारों को बताया कि पार्टी 18 से 20 जनवरी के बीच देश भर में ज़िला और तालुका स्तर पर महंगाई के ख़िलाफ़ जनआंदोलन करेगी.

उन्होंने बताया कि इसके बाद राज्यों की राजधानियों में प्रदर्शन होंगे और मार्च की शुरुआत में दिल्ली में संसद का घेराव किया जाएगा.

समाचार एजेंसी पीटीआई ने कहा कि देश में 220 लाख टन चीनी की ज़रुरत होती है और उत्पादन 240 लाख टन हुआ है लेकिन फिर भी क़ीमत बढ़ रही है.

भाजपा प्रवक्ता ने कहा, "नौ महीने पहले शरद पवार ने कहा था कि देश में अगले दो सालों के लिए पर्याप्त चीनी है. हमने 12 रुपए किलो के हिसाब से चीनी का निर्यात किया और अब 33 रुपए प्रतिकिलो के हिसाब से आयात कर रहे हैं, तो यह किस तरह की नीति है?"

पार्टी ने कहा है कि महंगाई के ख़िलाफ़ प्रदर्शन में पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी, पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह, वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली सहित सभी बड़े नेता भाग लेंगे.

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