अग्रिम ज़मानत पर सुनवाई 18 को

रुचिका
Image caption रुचिका मामले में अब राठौर के ख़िलाफ़ नए आरोप भी लगाए गए हैं.

पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने रुचिका गिरहोत्रा छेड़छाड़ मामले में हरियाणा के पूर्व पुलिस महानिदेशक एसपीएस राठौर की अग्रिम ज़मानत संबंधी याचिका पर सुनवाई 18 जनवरी तक बढ़ा दी है.

न्यायालय ने इस मामले में सीबीआई को 18 जनवरी के दिन अपना पक्ष रखने के लिए कहा है. राठौर के ख़िलाफ़ दो नए मामले दायर हुए हैं. इन मामलों में राठौर ने अग्रिम ज़मानत के लिए पंचकूला की एक अदालत में याचिका दायर की थी जिसे ख़ारिज़ कर दिया गया था.

राठौर के पंचकूला अदालत के फ़ैसले के बाद उच्च न्यायालय में अपील की थी. राठौर की पत्नी और वकील आभा ने अदालत में कहा कि उन्हें इसके लिए समय चाहिए. न्यायालय ने 18 जनवरी तक समय दिया लेकिन राठौर को कोई राहत नहीं दी.

इसी समय में सीबीआई से भी कहा गया है वो अपना पक्ष रखें. ये दो नए मामले कुछ ही समय पहले दायर किए गए हैं. ये मामले रुचिका के भाई आशू की हत्या के प्रयास, ग़लत सबूत रखने और रुचिका की पोस्ट मार्टम रिपोर्ट से छेड़छाड़ करने के हैं.

इसके अलावा रुचिका को आत्महत्या के लिए उकसाने संबंधी एक और एफआईआर दर्ज़ की गई है लेकिन उस पर फिलहाल कार्रवाई शुरु नहीं हुई है.

राठौर की वकील आभा का कहना है कि ये सारे मामले मीडिया के दबाव में दायर किए गए हैं.

यह पूरा मामला 19 साल पुराना है जिसमें राठौर पर आरोप है कि उन्होंने रुचिका गिरहोत्रा के साथ छेड़छाड़ की और विरोध करने पर उनके परिवार वालों को परेशान किया. मामले के प्रकाश में आने के तीन साल बाद रुचिका ने आत्महत्या कर ली थी.

इसी मामले में लंबी चली सुनवाई के बाद निचली अदालत ने राठौर को छह महीने की सज़ा सुनाई थी.

इस सज़ा के ख़िलाफ़ राठौर ने उच्च न्यायालय में अपील की थी. इसकी सुनवाई भी आज होनी थी लेकिन राठौर तबीयत ख़राब होने का हवाला देकर कोर्ट नहीं पहुंचे थे.

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