हरिद्वार में महाकुंभ शुरु

हरिद्वार
Image caption सदी का पहला महाकुम्भ हरिद्वार में शुरू हुआ

हरिद्वार में महाकुंभ, 14 जनवरी, मकर संक्रांति से शुरु हो गया है. इसमें शामिल होने के लिए दुनिया भर से लाखों हिंदु श्रद्धालुओं के वहाँ पहुँचने की संभावना है.

गुरुवार को, महाकुंभ के पहले दिन प्रथम स्नान के लिए हरिद्वार में करीब पांच लाख लोगों के गंगा नदी में स्नान करने की संभावना है.

रेल व बसों से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. 15 जनवरी शुक्रवार को सूर्यग्रहण का स्नान होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने का अनुमान है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ सदी के पहले महाकुंभ में हिस्सा लेने के लिए हरिद्वार में अब तक आठ लाख श्रद्धालु और साधु एकत्रित हो चुके हैं.

14 जनवरी से 14 अप्रैल तक चलनेवाले इस महाकुंभ में चार से पांच करोड़ लोगों के शामिल होने का अनुमान है. इसके लिए वहाँ सुरक्षा के असाधारण इंतज़ाम किए गए हैं.

बुधवार को लोहड़ी पर भी बड़ी संख्या में लोगों ने गंगा के घाटों पर स्नान कर शाम को गंगा आरती में भाग लिया.

कुंभ मेले के लिए सभी गंगा घाटों को विशेष रूप से सजाया गया है.

हर की पौड़ी पर होने वाली गंगा आरती में भाग लेने के लिए हजारों लोग काफी पहले से ही जमा होने लगे थे.

महाकुंभ

भारत के चार नगरों इलाहाबाद, नासिक, उज्जैन और हरिद्वार में बारी-बारी से हर चौथे साल कुंभ का मेला लगता है.

पौराणिक आख्यानों के अनुसार समुद्रमंथन के दौरान निकला अमृतकलश 12 स्थानों पर रखा गया था जहां अमृत की बूंदें छलक गई थीं. इन 12 स्थानों में से आठ ब्रम्हांड में माने जाते हैं और चार धरती पर. इन चारों जगहों पर कुंभ का मेला लगता है.

हिंदू धर्म में मान्यता है कि इस मेले में स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है .

हिंदू विद्वान कहते हैं कि इनमें हरिद्वार के महाकुंभ का विशेष महत्त्व है.

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