'ज्योति बसु की हालत अत्यंत नाज़ुक'

ज्योति बसु
Image caption ज्योति बसु पिछले क़रीब पंद्रह दिनों से अस्पताल में हैं

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के 95 वर्षीय नेता और 23 साल तक पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री रहे ज्योति बसु की हालत शुक्रवार को एक बार फिर अत्यंत नाज़ुक हो गई है.

कोलकाता में बीमार बसु की देखभाल के लिए बनाई गई आठ सदस्यीय मेडिकल टीम के एक सदस्य सुश्रुत बैनर्जी ने शुक्रवार की सुबह पत्रकारों को बताया कि वरिष्ठ नेता की हालत बिगड़ गई है.

सुश्रुत बैनर्जी ने कहा, "ज्योति बसु की हालत बहुत ही नाज़ुक है. उन्हें दी जा रही ऑक्सीजन की मात्रा को फिर बढाया गया है. हालाँकि पिछली शाम उन्हें दो घंटे के लिए हिमो-डायलिसिस पर रखा गया था."

बैनर्जी ने बताया, "बसु के ह्रदय और गुर्दे के काम करने में कोई सुधार नहीं देखा गया है उनके इन प्रमुख अंगों की बिगड़ती स्थिति को देखकर उन्हें हिमो-डायलिसिस पर रखा गया था."

'एक जनवरी से भर्ती'

डॉक्टरों का कहना है कि बसु की ताज़ा स्थिति को देखते हुए शुक्रवार को एक बार फिर उन्हें हिमो-डायलिसिस दिया जाएगा.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार बसु के रक्त चाप को स्थिर रखने के लिए डॉक्टरों ने 'आइनोट्रोप्स' की मात्रा को बढ़ाया है.

ज्योति बसु को पहली जनवरी में निमोनिया की शिकायत के बाद कोलकाता के एएमआरआई अस्पताल में भर्ती कराया गया था. तब से वो अस्पताल में हैं और उनकी स्थिति में कुछ सुधार के बाद बिगड़ती ही जा रही है.

बसु का हालचाल पूछने के लिए पिछले दिनों अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों के कई नेता कोलकाता पहुँचे थे.

सात जनवरी को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी उन्हें देखने अस्पताल गए थे.

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