मेनन होंगे नए सुरक्षा सलाहकार

शिवशंकर मेनन
Image caption शिवशंकर मेनन

भारत सरकार ने पूर्व विदेश सचिव शिवशंकर मेनन को नया राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त करने का फ़ैसला किया है.

वे वर्तमान सुरक्षा सलाहकार एमके नारायणन का स्थान लेंगे जिन्हें पश्चिम बंगाल का राज्यपाल बनाया गया है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार नियुक्तियों पर मंत्रिमंडल की समिति ने गुरुवार को 60 वर्षीय राजनयिक को राज्य मंत्री का दर्जा देते हुए इस पद पर नियुक्त करने का फ़ैसला किया है.

शिवशंकर मेनन ने भारत और अमरीका के बीच हुए ऐतिहासिक असैन्य परमाणु समझौते में अहम भूमिका निभाई थी. इस समझौते से कई दशक बाद अंतरराष्ट्रीय परमाणु समुदाय में भारत फिर से शामिल हो सका था.

तीन साल विदेश सचिव के रुप में काम करने के बाद पिछले साल जुलाई में वे सेवानिवृत्त हुए थे.

इससे पहले वे तीन साल तक पाकिस्तान में भारत के उच्चायुक्त रहे थे और उनके ही कार्यकाल में दोनों देशों के बीच शांति प्रयासों में तेज़ी आई थी.

भारतीय विदेश सेवा के 1972 बैच के अधिकारी शिवशंकर मेनन इसके अलावा चीन, इसराइल, ऑस्ट्रिया, जापान और श्रीलंका में काम कर चुके हैं.

वे भारत के परमाणु ऊर्जा विभाग के सलाहकार भी रह चुके हैं.

विवाद

Image caption शर्म अल-शेख के साझा बयान पर ख़ासा बवाल हुआ था

हालांकि उनके राजनयिक कार्यकाल में कुछ विवाद भी हुए जिसमें मिस्र के शर्म अल-शेख़ में जारी किया गया भारत और पाकिस्तान का साझा बयान प्रमुख है.

यह बयान भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी के बीच हुई चर्चा के बाद जारी किया गया था.

इस बयान में बलुचिस्तान का ज़िक्र आने और दोनों देशों के बीच शांति वार्ता को आतंकवाद के मुद्दे से अलग रखने के फ़ैसले की भारत में तीखी निंदा हुई थी.

इसके बाद शिवशंकर मेनन सीधे निशाने पर थे.

संबंधित समाचार